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आका का पैंतरा फेल, एनकाउंटर के बाद बवाल की रची थी साजिश; अब बुलडोजर के आगे 'रहम' की भीख मांग रहा संजय बिंद

by on | 2026-06-13 00:20:35

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आका का पैंतरा फेल, एनकाउंटर के बाद बवाल की रची थी साजिश; अब बुलडोजर के आगे 'रहम' की भीख मांग रहा संजय बिंद


​- 'अंसारी गैंग' के पीतामह अफजाल अंसारी की शह पर रची थी पुलिस पर पथराव की पटकथा

​- सरकार की मंशा भांप बदले सुर, गोडा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बोला- 'बहुत नुकसान हो गया, अब घर न गिराया जाए'

​- लखटकिया इनामी शंकर और आलोक दूबे की तलाश में एसटीएफ का ताबड़तोड़ एक्शन जारी

गाजीपुर । अपराधियों को संरक्षण और फिर पुलिस को बैकफुट पर धकेलने का सियासी पैंतरा गाजीपुर में पूरी तरह फेल हो चुका है। विनीत राय हत्याकांड के बाद कानून के शिकंजे में फंसे गोडा ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि संजय बिंद के सुर अब पूरी तरह बदल चुके हैं। एनकाउंटर में मारे गए अपने अपराधी भाई कमलेश चौधरी की मौत के बाद प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए संजय बिंद ने एक खौफनाक साजिश रची थी। सूत्रों के मुताबिक, अंसारी गैंग के 'पीतामह' अफजाल अंसारी की शह और उनके द्वारा सुझाए गए उपायों के दम पर संजय ने पुलिस टीम पर पथराव करवाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी, ताकि प्रशासन कदम पीछे खींच ले।

​लेकिन, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि सूबे की सरकार की मंशा अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की है। जब दबाव की राजनीति काम नहीं आई और अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर की दहाड़ सुनाई देने लगी, तो संजय बिंद अब रहम की गुहार लगा रहा है। उसका कहना है कि "बहुत नुकसान हो चुका है, अब और नुकसान न किया  जाए।"

​लखटकिया इनामी शंकर और आलोक की तलाश में पुलिस की नाक में दम

​विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक-एक लाख रुपये के इनामी शंकर पांडेय और आलोक दूबे की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। कोलकाता, गोरखपुर से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों को खंगाल चुकी एसटीएफ और पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पुलिस ने अब खुफिया विभाग और मुखबिरों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।

आजमगढ़ से जुड़ा है हेरोइन तस्करों का नेटवर्क

सूत्रों के अनुसार, सरगना शंकर पांडेय का नेटवर्क आजमगढ़ जिले में भी फैला है। इसमें करंडा क्षेत्र के चोचकपुर के एक शातिर युवक ने उसकी मदद की थी, जिसका नाम पहले हेरोइन तस्करी में आ चुका है। अंदेशा है कि शंकर और आलोक दोनों एक साथ ही किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपे हैं।

​डिजिटल चक्रव्यूह: पुलिस को छकाने के लिए 'पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे' का इस्तेमाल

​शंकर पांडेय कितना शातिर अपराधी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने फरारी के दौरान पुलिस को भटकाने के लिए अपना मोबाइल ऑन रखा और उसे गैंग के दूसरे सदस्यों को देकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तरफ रवाना कर दिया। जब तक एसटीएफ और सर्विलांस टीम एक्सप्रेस-वे की तरफ दौड़ती, तब तक मुख्य आरोपी वाराणसी के रास्ते किसी दूसरे सुरक्षित ठिकाने की ओर निकल चुके थे।

​हालाँकि, पुलिस ने उस काली स्कार्पियो-एन गाड़ी को वाराणसी से बरामद कर लिया है जिससे आरोपी फरार हुए थे। हिरासत में लिए गए 3-4 संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर एसटीएफ की एक विशेष टीम ने इस समय वाराणसी में डेरा डाला हुआ है।

​आरबीओ एक्ट का हंटर: 15 जून तक नहीं आई आपत्ति तो ढहेगा शंकर पांडेय का किला

​विनीत राय हत्याकांड पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिला प्रशासन ने आरबीओ एक्ट (RBO Act) के तहत आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मास्टर प्लान विभाग की जांच में यह साफ हुआ है कि विनियमित क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृत नक्शे के अवैध रूप से आलीशान मकान खड़े किए गए थे।

​प्रशासन ने एनकाउंटर में ढेर कमलेश चौधरी के भाई संजय बिंद और मुख्य आरोपी शंकर पांडेय को नोटिस जारी कर 12 जून तक जवाब मांगा था। निर्धारित तिथि पर संजय बिंद के अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दाखिल कर दी, लेकिन फरार चल रहे शंकर पांडेय की तरफ से कोई भी अदालत नहीं पहुंचा।

​15 जून: अंतिम फैसला या बुलडोजर का एक्शन?

​एसडीएम सदर की कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए फरार शंकर पांडेय को 15 जून तक की अंतिम मोहलत दी है। यदि इस अवधि के भीतर आपत्ति या वैध कागजात पेश नहीं किए गए, तो मास्टर प्लान विभाग बिना किसी देरी के अवैध निर्माण को जमींदोज करने की विधिक कार्रवाई शुरू कर देगा।

एसडीएम रवीश गुप्ता ने साफ कहा:

"शुक्रवार को नियत तिथि पर संजय बिंद की तरफ से उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी है। चूंकि दूसरी नोटिस के जवाब में शंकर पांडेय की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ, इसलिए उन्हें 15 जून तक का अंतिम समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा में जवाब या आपत्ति नहीं आती है, तो प्रशासन अपनी अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।"




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