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शादी का झांसा देकर नेपाली युवती का शोषण: कमिश्नर दफ्तर में न्याय की गुहार, क्या फिर व्यवस्था की भेंट चढ़ेगी एक और 'प्रिया राय'?

by on | 2026-06-09 20:43:56

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शादी का झांसा देकर नेपाली युवती का शोषण: कमिश्नर दफ्तर में न्याय की गुहार, क्या फिर व्यवस्था की भेंट चढ़ेगी एक और 'प्रिया राय'?


वाराणसी। धर्म, अध्यात्म और न्याय की नगरी काशी से एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार और इंसानियत को झकझोर देने वाली दास्तान सामने आई है। यह कहानी नेपाल मूल की एक बेबस युवती की है, जिसे शादी का हसीन ख्वाब दिखाकर पिछले चार साल तक सिर्फ और सिर्फ छला गया। शारीरिक और मानसिक शोषण की सारी हदें पार करने के बाद जब पीड़िता ने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो उसे मिला अंतहीन धोखा और जान से मारने की धमकी। थक-हारकर पीड़ित युवती वाराणसी पुलिस कमिश्नर कार्यालय की चौखट पर पहुंची है, जहां उसने अपनी जिंदगी की हिफाजत और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है।

मोहब्बत का छलावा और ४ साल तक आंसुओं की कहानी

​यह शर्मनाक मामला अर्दली बाजार स्थित अजय बिहार कॉलोनी का है। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली पीड़ित युवती शारदा थापा ने पुलिस कमिश्नर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में उस खौफनाक हकीकत को बयां किया है, जिसे वह पिछले चार साल से झेल रही थी। पीड़िता के मुताबिक, अविनाश सेठ नाम के एक युवक ने पहले उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर शादी का अटूट वादा कर पिछले चार वर्षों तक उसका लगातार दैहिक और मानसिक शोषण करता रहा।

विश्वासघात की पराकाष्ठा: जब पीड़िता ने लोक-लाज और समाज के डर से अविनाश पर विवाह करने का दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपी ने अपनी असलियत उजागर कर दी। उसने दो टूक शब्दों में कह दिया कि उसकी शादी कहीं और तय या हो चुकी है। इसके साथ ही उसने पीड़िता को दूध में से मक्खी की तरह अपनी जिंदगी से बाहर फेंक दिया।


मुकदमा दर्ज, पर रसूख के आगे कानून के हाथ बौने!

​इस पूरे प्रकरण में सबसे हैरान और विचलित करने वाली बात यह है कि थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 283/26 दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद, पुलिसिया तंत्र की सुस्ती कहें या आरोपी का रसूख—कानून के हाथ अब तक अविनाश सेठ के गिरेबां तक नहीं पहुंच पाए हैं। गिरफ्तारी न होने से बेखौफ आरोपी के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वह पीड़िता और उसके पूरे परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहा है। आरोप है कि वह मुकदमा वापस लेने के लिए चौतरफा दबाव बना रहा है और मांग पूरी न होने पर सरेआम जान से मारने की धमकियां दे रहा है।

कमिश्नर का आश्वासन: उम्मीद या फिर सिर्फ एक रस्म?

​खौफ के साए में जी रही पीड़िता ने किसी तरह साहस जुटाया और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी पूरी आपबीती उनके सामने रखी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने प्रकरण को संजीदगी से लिया है और मातहतों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने व आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का कड़ा आश्वासन दिया है। भयभीत पीड़िता ने फिलहाल प्रशासन से अपने और अपने परिवार के लिए मुकम्मल सुरक्षा की मांग की है।

बेबाक टिप्पणी: क्या इतिहास खुद को दोहराएगा?

​अब सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यह है कि वाराणसी पुलिस इस शातिर आरोपी को कब तक गिरफ्तार कर पीड़ित युवती को इंसाफ दिला पाती है? काशी का प्रबुद्ध समाज आज यह सोचने पर मजबूर है कि क्या वाकई इस बेबस विदेशी युवती को न्याय मिलेगा, या फिर पूर्व सांसद अतुल राय मामले की तरह इस युवती को भी इस लाचार, रीढ़विहीन और बीमार सिस्टम के सामने घुटने टेकने पड़ेंगे?

​क्या इस मामले का हश्र भी वैसा ही होगा, जहां व्यवस्था के बहरे कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए 'प्रिया राय' जैसी बेटी देश के सुप्रीम कोर्ट के दहलीज पर लाइव आकर  अपना सब कुछ कुर्बान करने के बाद भी न्याय की दहलीज पर सिर्फ और सिर्फ हार नसीब हुई थी? इस बीमार तंत्र के मुंह पर तमाचा मारने के लिए क्या एक और आहुति का इंतजार किया जा रहा है? पुलिस कमिश्नर के आश्वासन पर टिकी यह आस, वक्त की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है, इस पर 'बेबाक 24' की पैनी नजर बनी रहेगी।



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