ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
राष्ट्रीय राष्ट्रीय

TMC मुख्यालय में CID की एंट्री: फर्जी हस्ताक्षर मामले में तलाशी जारी

by admin@bebak24.com on | 2026-06-09 20:34:37

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3017


TMC मुख्यालय में CID की एंट्री: फर्जी हस्ताक्षर मामले में तलाशी जारी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सुलग रही बगावत की आग के बीच एक और बड़े घटनाक्रम ने ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर (Forged Signature) मामले की जांच के लिए मंगलवार (9 जून) को राज्य अपराध जांच विभाग (CID) की एक विशेष टीम कोलकाता के कालीघाट स्थित टीएमसी के केंद्रीय कार्यालय (30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट) में जबरन दाखिल हो गई।

यह कार्रवाई टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा दिए गए उस बयान के आधार पर की जा रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विवादित प्रस्ताव पर विधायकों के हस्ताक्षर इसी पार्टी कार्यालय में लिए गए थे। मुख्यालय के अलावा सीआईडी की एक अन्य टीम ने कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के निजी कार्यालय की भी तलाशी ली है।

मुख्यालय के गेट पर भारी ड्रामा और तनातनी

सीआईडी की यह कार्रवाई किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं थी। जब सीआईडी के अधिकारी कालीघाट थाने की पुलिस और भारी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों के साथ दोपहर बाद पार्टी कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा:

  • नेताओं की चेतावनी: टीएमसी नेता और पूर्व सांसद सुभाशीष चक्रवर्ती ने जांच टीम को गेट पर ही रोक दिया। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अभिषेक बनर्जी की गैरमौजूदगी में पार्टी कार्यालय के अंदर किसी को भी तलाशी की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  • अतिरिक्त बल बुलाकर एंट्री: इस गतिरोध के बाद कालीघाट थाने के वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। सीआईडी ने तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया और हल्के विरोध को दरकिनार करते हुए परिसर के भीतर प्रवेश कर दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी।

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी इस समय पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ नई दिल्ली में हैं और सीआईडी ने उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन भी भेजा था।

क्या है पूरा 'फर्जी हस्ताक्षर' विवाद?

यह विवाद टीएमसी के 28 साल के इतिहास का सबसे बड़ा अंदरूनी और आधिकारिक विभाजन (Official Split) माना जा रहा है:

  • विवाद की जड़: विधानसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के चयन को लेकर पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी। आधिकारिक नेतृत्व की ओर से विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) को एक प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें वरिष्ठ टीएमसी विधायक सोवनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने की सिफारिश की गई थी।

  • फर्जीवाड़े का आरोप: इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद कई विधायकों ने दावा किया कि प्रस्ताव पत्र पर उनके हस्ताक्षर नकली (Forged) हैं। इसके बाद इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और जांच सीआईडी को सौंपी गई।

  • 80 में से 58 विधायक बागी: पार्टी के भीतर दरार तब गहरी हो गई जब टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने आधिकारिक नेतृत्व के खिलाफ जाकर बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना समर्थन दे दिया। पिछले हफ्ते इस बागी गुट ने विधानसभा में पार्टी पर अपना नियंत्रण स्थापित करते हुए ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुन लिया और विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी प्राप्त कर ली।

Bebak24 टेक

दिल्ली में जहाँ टीएमसी के करीब 20 सांसदों के टूटने और एनडीए को समर्थन देने की खबरें तैर रही हैं, वहीं कोलकाता में ममता बनर्जी के सबसे सुरक्षित गढ़ 'कालीघाट कार्यालय' के भीतर सीआईडी का घुसना यह दिखाता है कि बंगाल की सत्ता पर दीदी की पकड़ बेहद कमजोर हो चुकी है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जो सीआईडी कल तक ममता सरकार के इशारे पर विपक्ष को घेरती थी, आज वही सीआईडी खुद अभिषेक बनर्जी के दफ्तर और टीएमसी मुख्यालय की कड़ियां खंगाल रही है।

58 विधायकों के आधिकारिक रूप से अलग गुट बना लेने और ऋतब्रत बनर्जी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद अब यह लड़ाई पूरी तरह से 'असली टीएमसी बनाम नकली टीएमसी' की कानूनी जंग में तब्दील हो चुकी है। यदि सीआईडी को इस तलाशी में हस्ताक्षर जालसाजी से जुड़े पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो यह अभिषेक बनर्जी के लिए बड़ी कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकता है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment