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स्टालिन का दावा: संकट में विजय की TVK सरकार, 3 महीने चलना भी मुश्किल

by admin@bebak24.com on | 2026-06-07 21:51:04

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स्टालिन का दावा: संकट में विजय की TVK सरकार, 3 महीने चलना भी मुश्किल

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस समय जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए राज्य की नवनिर्वाचित सरकार पर बड़ा हमला बोला है। स्टालिन ने कहा कि अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की सरकार अगले तीन महीने भी नहीं टिक पाएगी।

मई के महीने में छह दशक (60 साल) का रिकॉर्ड तोड़कर सत्ता में आई इस गैर-द्रमुक और गैर-अन्नाद्रमुक सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है, जिससे राज्य में समय से पहले ही नए राजनीतिक समीकरण बनने के आसार नजर आने लगे हैं।

60 साल बाद हुआ था ऐतिहासिक बदलाव, विपक्ष का तीखा हमला

तमिलनाडु की सियासत के लिए यह साल बेहद ऐतिहासिक रहा है:

  • ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन: मई 2026 में पिछले 60 वर्षों के इतिहास को बदलते हुए द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के प्रभुत्व से इतर किसी तीसरे दल (TVK) ने राज्य में सरकार बनाई और सी. जोसफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

  • बदलते हालात: राजनीतिक विश्लेषक जहां इसे तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मान रहे थे, वहीं विपक्षी दलों ने सरकार के गठन के एक महीने के भीतर ही इसकी स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्टालिन का बयान: "6 महीने का वादा था, लेकिन हालात बदतर"

चेन्नई में आयोजित एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान एमके स्टालिन ने वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लिया। यह कार्यक्रम 'विदुथलाई चिरुथाईगल काची' (VCK) के पूर्व विधायक पनैयूर बाबू और उनके सैकड़ों समर्थकों को द्रमुक में शामिल कराने के लिए आयोजित किया गया था।

नेताओं का अपनी पार्टी में स्वागत करते हुए स्टालिन ने कहा:

"जब यह नई सरकार सत्ता में आई थी, तब मैंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए कहा था कि मैं अगले छह महीने तक इसकी कार्यप्रणाली पर कोई आलोचना नहीं करूंगा। लेकिन राज्य की परिस्थितियां इतनी तेजी से बिगड़ रही हैं और जनता के बीच इस सरकार को लेकर इतना भारी असंतोष है कि मुझे तय समय से पहले ही बोलना पड़ रहा है। अब सवाल छह, पांच या चार महीनों का नहीं रह गया है; अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सरकार अगले तीन महीने भी टिक पाएगी?"

नेताओं को सिखाया 'अन्ना' का अनुशासन: "विरोधियों का भी करें सम्मान"

तीखे राजनीतिक हमलों के बीच एमके स्टालिन ने पार्टी का दामन थामने वाले नए कार्यकर्ताओं और नेताओं को कड़ा अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने दल-बदल कर आए नेताओं को हिदायत दी कि वे अपनी पुरानी पार्टी की सार्वजनिक मंचों से बुराई करने से बचें।

स्टालिन ने द्रमुक के महान संस्थापक सीएन अन्नादुरई (अन्ना) के एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक कथन का जिक्र करते हुए कहा:

"अन्ना ने हमें हमेशा सिखाया है कि 'विरोधी के बगीचे के चमेली के फूल में भी खुशबू होती है।' इसलिए राजनीति में कभी भी किसी को कमतर नहीं आंकना चाहिए और न ही अपनी मर्यादा भूलनी चाहिए।"

उन्होंने नए कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर केवल द्रमुक संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जुटने की अपील की।

Bebak24 टेक

तमिलनाडु में छह दशकों के द्रविड़ किलों (DMK और AIADMK) को ढहाकर सत्ता में आई विजय की TVK सरकार के सामने प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। एमके स्टालिन का यह बयान कि 'सरकार 3 महीने भी नहीं चलेगी', महज एक राजनीतिक भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि यह TVK के भीतर सेंधमारी और उसे घेरने की एक सोची-समझी घेराबंदी का हिस्सा दिखाई देता है।

हाल ही में AIADMK के विधायकों और VCK के नेताओं का TVK में शामिल होना और अब VCK के पूर्व विधायक का DMK में जाना यह साफ करता है कि तमिलनाडु की राजनीति में अंदरूनी उठापटक बेहद तेज है। विजय के लिए असली परीक्षा यह होगी कि वे बिना किसी मजबूत कैडर और सांगठनिक अनुभव के, विपक्ष के इन कड़े चक्रव्यूहों से अपनी सरकार और विधायकों को कैसे बचाए रखते हैं।



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