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इस्राइल में स्थापित होगी छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा

by admin@bebak24.com on | 2026-06-07 21:32:37

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इस्राइल में स्थापित होगी छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा

मुंबई | भारत और इस्राइल के बीच सांस्कृतिक तथा कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। इस्राइल में मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुंबई स्थित इस्राइली महावाणिज्य दूतावास ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार से आधिकारिक तौर पर सहयोग और मार्गदर्शन मांगा है।

इस्राइली दूतावास का मानना है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का कुशल नेतृत्व, सुशासन, अदम्य साहस और जनकल्याण के आदर्श केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं।


मुख्यमंत्री को लिखा पत्र: ऐतिहासिक राज्याभिषेक दिवस पर दी बधाई

मुंबई में तैनात इस्राइली महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक विशेष पत्र लिखकर इस परियोजना के लिए समर्थन मांगा है।


- साझा मूल्यों पर जोर: रेवाच ने अपने पत्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इस्राइल यात्रा के बाद दोनों देशों की सरकारों ने लोगों से लोगों के जुड़ाव (People-to-People Contact) को बढ़ाने का विशेष संकल्प लिया है।

- इतिहास से प्रभावित: महावाणिज्य दूत ने साझा किया कि मुंबई आने के बाद उन्होंने मराठा इतिहास का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने शिवाजी महाराज की नौसैनिक शक्ति (Naval Might), धार्मिक सहिष्णुता, रणनीतिक कौशल और प्रजा-रक्षक की दृष्टि की जमकर सराहना की।


महाराष्ट्र और यहूदी समुदाय का ऐतिहासिक जुड़ाव

इस्राइली राजनयिक ने रेखांकित किया कि यह प्रतिमा दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों का एक शक्तिशाली और जीवंत प्रतीक बनेगी। इसके पीछे एक गहरा ऐतिहासिक संदर्भ भी है:


- भारतीय यहूदी कनेक्शन: महाराष्ट्र और भारतीय यहूदी समुदाय (Bene Israel) के बीच सदियों पुराना और अटूट ऐतिहासिक रिश्ता रहा है।

- सांस्कृतिक पुल: इस समुदाय के वंशज आज इस्राइली समाज में रहते हुए वहां के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और दोनों देशों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक पुल का काम करते हैं।


महाराष्ट्र सरकार से कलात्मक और तकनीकी सहयोग की मांग

इस्राइल इस परियोजना को पूरी तरह प्रामाणिक और भव्य बनाना चाहता है, जिसके लिए महावाणिज्य दूतावास ने महाराष्ट्र सरकार से कई स्तरों पर सहयोग की इच्छा जताई है:


- ऐतिहासिक संदर्भ: प्रतिमा के निर्माण में इतिहास के सही पहलुओं को दर्शाया जा सके।

- कलात्मक परामर्श और डिजाइन: प्रतिमा के स्वरूप, मुद्रा और डिजाइन को लेकर महाराष्ट्र के विशेषज्ञ मूर्तिकारों और इतिहासकारों का मार्गदर्शन मिले।

- जन-परियोजना का रूप: दूतावास ने विश्वास जताया कि भविष्य में इस पहल को दोनों देशों के नागरिकों की भागीदारी के साथ एक 'जन-परियोजना' (People's Project) के रूप में विकसित किया जा सकता है।


Bebak24 टेक

इस्राइल द्वारा अपने देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला वैश्विक कूटनीति में भारत और विशेषकर महाराष्ट्र के बढ़ते सांस्कृतिक प्रभाव का प्रमाण है। रणनीतिक रूप से, इस्राइल हमेशा से सैन्य कौशल, गुरिल्ला युद्ध रणनीति  और राष्ट्र-प्रथम की भावना का सम्मान करता आया है—ये सभी गुण छत्रपति शिवाजी महाराज की युद्ध नीति और शासन के मूल आधार रहे हैं।

यह कदम केवल एक स्मारक का निर्माण नहीं है, बल्कि इसके जरिए इस्राइल भारत के साथ रक्षा और व्यापारिक संबंधों से आगे बढ़कर एक गहरा 'इमोशनल और कल्चरल नैरेटिव' तैयार कर रहा है। कोंकण तट और महाराष्ट्र से जुड़े यहूदी इतिहास को केंद्र में रखकर किया जा रहा यह प्रयास आने वाले समय में दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को और अधिक स्थायित्व देगा।



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