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श्रावणी मेले में सुलभ होगी बाबा विश्वनाथ की काशी, लापरवाहों पर कसा नकेल

by on | 2026-05-29 19:27:48

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श्रावणी मेले में सुलभ होगी बाबा विश्वनाथ की काशी, लापरवाहों पर कसा नकेल

वाराणसी। आगामी सावन मेले में देश-दुनिया से काशी आने वाले शिवभक्तों और पर्यटकों की राह आसान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने पर्यटन विकास और घाटों के पुनर्विकास की कछुआ चाल पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अल्टीमेटम जारी कर दिया है। साफ़ संकेत हैं कि सावन के पवित्र महीने में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि है और इसमें बाधा बनने वाली हर सुस्ती पर अब सीधे 'हंटर' चलेगा।

​सुस्त ठेकेदारों पर पेनाल्टी, 'इमरजेंसी मोड' में काम के निर्देश

​कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विकास कार्यों में हो रही लेटी-लतीफी को लेकर सख्त नाराजगी जताई। सावन के मद्देनजर सुलभ और सुरक्षित काशी की तैयारियों को ध्यान में रखकर निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर कड़ाई: कुंवार का काली मंदिर, भैरवनाथ तालाब, विधानसभा अजगरा का शिव मंदिर, क्रमेदेश्वर महादेव मंदिर और माधोपुर का शुलटकेश्वर महादेव मंदिर—इन सभी परियोजनाओं के जिम्मेदार ठेकेदारों पर नियमानुसार भारी पेनाल्टी (जुर्माना) लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों को गति: अस्सी घाट के जीर्णोद्धार और गंगा घाटों के पुनर्विकास कार्यों को सावन से पहले पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके साथ ही सारनाथ में प्रस्तावित लाइट एंड शो और पर्यटक आवास गृहों के काम को 'तूफानी रफ़्तार' से अंतिम रूप देने को कहा गया है।
  • प्रेमचंद आवास का बाधा मुक्त विकास: लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद के ऐतिहासिक आवास को संग्रहालय बनाने की राह में आ रही तमाम प्रशासनिक अड़चनों को 24 घंटे के भीतर दूर करने का हुक्म हुआ है।

​श्रद्धालुओं की जेब और घाटों की अस्मिता की सुरक्षा: 'बेबाक' फैसले

​मेले के दौरान बाबा के भक्तों को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी ने सीधे धरातल की समस्याओं पर वार किया है:

अराजकता पर लगेगी लगाम: ई-रिक्शा, टोटो और गंगा में नावों के संचालन में होने वाली मनमानी वसूली को रोकने के लिए प्रमुख स्थलों पर 'किराया सूची' (रेट लिस्ट) के बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।


  • घाटों पर नशाखोरी पर पूर्ण प्रतिबंध: सावन मेले के दौरान गंगा घाटों की पवित्रता अक्षुण्ण रखने के लिए मादक पदार्थों के सेवन पर सख्त रोक रहेगी। इसके लिए जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
  • भीषण गर्मी और उमस से मिलेगी राहत: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों और प्रमुख मार्गों पर वाटर एटीएम, वाटर कूलर और छांव के लिए शेड की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
  • साहित्य और संस्कृति का समन्वय: काशी नागरी प्रचारिणी सभा की ऐतिहासिक "नागरी" पत्रिका के व्यवस्थित वितरण की कमान सीधे मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को सौंपी गई है।

​अधिकारियों को सख्त चेतावनी

​मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार सिंह और यूपी पीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित तमाम आला अफसरों की मौजूदगी में हुई इस बैठक ने साफ़ कर दिया है कि कागज़ी दावों का दौर ख़त्म हो चुका है। श्रावणी मेले से पहले बनारस को सुसज्जित और सुलभ बनाने के लिए प्रशासन अब आर-पार की तैयारी में है। देखना यह है कि इस कड़े हंटर के बाद धरातल पर काम की रफ़्तार कितनी बदलती है।



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