ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

दिलीप मिश्रा की 43 लाख की संपत्ति कुर्क, ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी

by on | 2026-05-24 17:20:49

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3204


दिलीप मिश्रा की 43 लाख की संपत्ति कुर्क, ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया तंत्र के खिलाफ जारी प्रशासनिक मुस्तैदी के तहत शनिवार को एक और बड़ी कार्रवाई संपन्न हुई। पुलिस कमिश्नर कोर्ट से जारी जब्तीकरण आदेश के अनुपालन में, गैंगस्टर एक्ट के तहत कुख्यात माफिया और पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा की दाउद नगर स्थित ₹43 लाख अनुमानित मूल्य की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया गया।

​यह कार्रवाई कानून के उस कड़े संदेश को रेखांकित करती है, जिसके तहत अपराध से अर्जित की गई किसी भी अवैध संपत्ति को अंततः राजकीय संरक्षण में ले लिया जाता है।

​ विधिक प्रक्रिया और प्रशासनिक तत्परता

​शनिवार शाम को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) करछना तपन मिश्रा एवं सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) करछना सुनील कुमार सिंह की प्रत्यक्ष उपस्थिति में इस विधिक प्रक्रिया को पूर्ण किया गया। कार्रवाई से पूर्व, स्थापित कानूनी मानदंडों के तहत दाउद नगर मोहल्ले में डुगडुगी बजवाकर सार्वजनिक मुनादी कराई गई, ताकि जनमानस को इस शासकीय निर्णय की सूचना मिल सके। इसके पश्चात, 600 वर्ग फीट भूभाग पर निर्मित उक्त भवन के दोनों मुख्य द्वारों को प्रशासनिक मुहर लगाकर आधिकारिक रूप से सील कर दिया गया।

​ चार वर्षों की विधिक जांच के बाद अंतिम निर्णय

​औद्योगिक थाना क्षेत्र के लवायन कला गांव निवासी दिलीप मिश्रा (पुत्र राम गोपाल मिश्रा) के विरुद्ध वर्ष 2020 में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। यद्यपि मीरजापुर मार्ग के समीप स्थित इस भवन को चार वर्ष पूर्व ही चिन्हित कर लिया गया था, किंतु गहन विधिक संवीक्षा और साक्ष्यों के संकलन के कारण इस पर अंतिम निर्णय लंबित था। विगत दिनों पुलिस कमिश्नर न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश जारी होने के बाद, गैंगस्टर एक्ट के विवेचक निरीक्षक बृज किशोर गौतम ने इस जब्तीकरण की कार्रवाई को विधिक रूप से अमलीजामा पहनाया।

विधिक पृष्ठभूमि: उल्लेखनीय है कि यह कोई एकल कार्रवाई नहीं है। वर्ष 2020 में ही प्रशासन ने दिलीप मिश्रा के कॉलेज, आवासीय भवनों और कृषि भूमि सहित लगभग 13 अचल संपत्तियों को कुर्क किया था, जिसमें मसिका मोड़ स्थित त्रि-आवासीय आलीशान भवन का ध्वस्तीकरण भी शामिल था। वर्तमान कार्रवाई उसी अनवरत विधिक प्रक्रिया का अगला चरण है।

​ वैध साक्ष्य न होने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी

​प्रशासन ने इस मामले में केवल जब्तीकरण तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि भवन के विधिक मानचित्र को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। एसीपी करछना के अनुसार, यदि निर्धारित समयावधि के भीतर स्वामित्व या भवन निर्माण से संबंधित वैध प्रपत्र और स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किए गए, तो इस निर्माण को 'अवैध' घोषित कर इसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment