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इकरा हसन के गले लग फूट-फूट कर रोईं मृतक आदित्य की दादी, कैराना सांसद ने बढ़ाया मदद का हाथ

by on | 2026-05-24 14:27:10

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इकरा हसन के गले लग फूट-फूट कर रोईं मृतक आदित्य की दादी, कैराना सांसद ने बढ़ाया मदद का हाथ


सहारनपुर/कैराना:

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न सिर्फ सियासतदानों बल्कि हर आम और खास इंसान के कलेजे को झकझोर कर रख दिया है। गंगोह थाना क्षेत्र के इस्सोपुर गांव में हुए सनसनीखेज आदित्य हत्याकांड के बाद इलाके में मातम और आक्रोश का उबाल है। इसी बीच, पीड़ित परिवार का दर्द बांटने और उन्हें ढांढस बंधाने पहुंचीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के सामने एक ऐसा बेहद भावुक मंजर देखने को मिला, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

"बच्ची… मुझे इंसाफ चाहिए!" सांसद से लिपटकर गूंजी बुजुर्ग दादी की पुकार

​जैसे ही सांसद इकरा हसन मृतक 21 वर्षीय आदित्य खटाना के घर पहुंचीं, घर में मचे कोहराम के बीच परिजनों का सब्र का बांध टूट गया। आदित्य की बुजुर्ग दादी सांसद इकरा हसन को देखते ही उनसे लिपट गईं और उनके कंधे पर सिर रखकर फूट-फूट कर रोने लगीं।

​बुजुर्ग दादी ने सिसकते हुए कहा, “बच्ची… मुझे इंसाफ चाहिए, मेरे बच्चे को खत्म कर दिया…”

​बूढ़ी आंखों के ये आंसू और इंसाफ की यह चीख इतनी मर्मांतक थी कि खुद सांसद इकरा हसन भी अपनी संवेदनशीलता को रोक नहीं पाईं और बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने आदित्य की मां और दादी को गले से लगाए रखा, उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि इस लड़ाई में वह अकेले नहीं हैं।

खेत में मिली थी खून से लथपथ लाश, दहल उठा था पूरा इलाका

​आपको बता दें कि यह पूरा मामला बीती 10 मई का है। 21 साल का होनहार युवक आदित्य खटाना इस्सोपुर गांव स्थित काबज सिंह आईटीआई कॉलेज में पिछले करीब 3 साल से सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का सहारा बन रहा था।

​10 मई की सुबह कॉलेज से महज 100 मीटर दूर एक खेत में आदित्य का शव खून से लथपथ हालत में मिला। हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए आदित्य पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ कई वार किए थे, जिससे उसकी आंख के पास और शरीर पर गहरे जख्म बन गए थे। इस कत्ल की खबर जैसे ही फैली, पूरे सहारनपुर में सनसनी फैल गई।

शव सड़क पर रख चक्काजाम, पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोचा मुख्य आरोपी

​आदित्य की बेरहमी से हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। जब पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने लगी, तो उग्र ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। लोगों का सीधा गुस्सा था और मांग थी कि "आरोपियों का तुरंत एनकाउंटर किया जाए।"

​करीब ढाई घंटे तक चले इस भारी हंगामे और चक्काजाम के बाद जब पुलिस के आला अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खुला। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी आशु (पुत्र देवेंद्र) को एक पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

सांसद ने दी 1 लाख की आर्थिक मदद, कहा- "प्रशासन से लगातार संपर्क में हूँ"

​पीड़ित परिवार के बीच बैठीं सांसद इकरा हसन ने न सिर्फ उन्हें सांत्वना दी, बल्कि मौके पर ही परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

​मीडिया से बात करते हुए इकरा हसन ने कहा:

​"आदित्य की हत्या एक बेहद दुखद, क्रूर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। एक हंसता-खेलता नौजवान जो अपने परिवार की रीढ़ था, उसे छीन लिया गया। दोषियों को उनके किए की सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए मैं लगातार जिले के प्रशासनिक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क में हूँ। पुलिस को निष्पक्ष और गहन जांच करनी होगी, ताकि इस हत्याकांड के पीछे छिपी पूरी सच्चाई सामने आ सके।"



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