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नमो घाट पर 'रक्षक' बने भक्षक! बाउंसरों के तांडव में सोनभद्र के युवक की मौत, बनारस में भारी उबाल

by on | 2026-05-24 12:40:17

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नमो घाट पर 'रक्षक' बने भक्षक! बाउंसरों के तांडव में सोनभद्र के युवक की मौत, बनारस में भारी उबाल


वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी का नमो घाट सोमवार की देर रात खून से लाल हो गया। सुरक्षा के नाम पर तैनात बाउंसरों की गुंडागर्दी ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। सोनभद्र से बनारस घूमने आए युवकों पर नमो घाट के बाउंसरों ने इस कदर बर्बरता दिखाई कि एक किशोर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि कई अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहे हैं। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे बनारस में जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

​ मामूली कहासुनी और फिर... खूनी तांडव!

​मिली जानकारी के अनुसार, सोनभद्र से कुछ युवक बनारस के भव्य नमो घाट का दीदार करने आए थे। सोमवार देर रात घाट पर तैनात बाउंसर गार्डों के साथ उनकी किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, बात इतनी सी थी जिसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था, लेकिन वर्दी के रसूख और ताकत के नशे में चूर बाउंसरों ने आव देखा न ताव, युवकों पर लाठी-डंडों और लात-घूसों की बौछार कर दी।

​युवक जान बचाने के लिए भागते रहे, गुहार लगाते रहे, लेकिन बेरहम बाउंसर उन्हें तब तक पीटते रहे जब तक वे लहूलुहान होकर गिर नहीं पड़े। आनंद-फानन में घायलों को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक किशोर को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर आते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया।

​ पुलिस की कार्रवाई: 4 बाउंसर हिरासत में, CCTV खंगालने में जुटी टीम

​घटना की भयावहता को देखते हुए आदमपुर पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। आक्रोशित जनता को शांत कराते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।

हिरासत: आदमपुर पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए चार बाउंसरों को हिरासत में ले लिया है।


जांच: घाट पर लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है ताकि हर एक हमलावर की पहचान की जा सके।


अधिकारियों का बयान: मामले की गंभीरता पर एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने साफ कहा है कि कानून को हाथ में लेने का हक किसी को नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है और दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो नजीर बनेगी।


​ जनता का तीखा सवाल: सुरक्षा के नाम पर 'गुंडागर्दी' कब तक?

​इस वारदात ने वाराणसी के घाटों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां पनप रही 'बाउंसर संस्कृति' पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है:

"पर्यटन स्थलों पर बाउंसरों को जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए रखा जाता है या उनकी जान लेने के लिए? मामूली बात पर किसी को पीट-पीटकर मार डालना सीधे तौर पर कानून को ठेंगा दिखाना है। इन बाउंसरों पर लगाम कसना बेहद जरूरी हो गया है।"

​बनारस के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि कुछ बाउंसर खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं और आए दिन आम जनता व पर्यटकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। अगर आज सख्त एक्शन नहीं हुआ, तो काशी की छवि पर इसका बेहद बुरा असर पड़ेगा।



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