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सपा अध्यक्ष ने उठाए 12 सुलगते सवाल: "भाजपा किसी की सगी नहीं"; दल-बदलुओं और साथी दलों की उपेक्षा का लगाया आरोप

by on | 2026-05-10 21:10:01

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सपा अध्यक्ष ने उठाए 12 सुलगते सवाल: "भाजपा किसी की सगी नहीं"; दल-बदलुओं और साथी दलों की उपेक्षा का लगाया आरोप

लखनऊ | आज शाम 3:30 बजे होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरा है। उन्होंने इस विस्तार को 'जनता के साथ छलावा' बताते हुए कहा कि जो सरकार 9 साल में कुछ नहीं कर पाई, उसके नए मंत्री आखिरी 9 महीनों में क्या बदलाव लाएंगे?

 "दल-बदलुओं का क्या होगा?" – अखिलेश के बड़े सवाल

अखिलेश यादव ने पाला बदलकर भाजपा में आए नेताओं और सहयोगी दलों की स्थिति पर कई तंज कसे हैं:

पाला बदलने वालों की कतार: उन्होंने पूछा कि रिक्तियां केवल 6 हैं, लेकिन पाला बदलकर आए लोग बहुत ज्यादा हैं। क्या सबको पद मिलेगा या बाकी लोग ठगा हुआ महसूस करेंगे?

अपमान का अहसास: अखिलेश ने तंज किया, "क्या उन्हें यह अहसास करा दिया जाएगा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है? वे अपने क्षेत्र में मुंह दिखाने लायक बचेंगे क्या?"

सूखकर कांटा हुए नेता: उन्होंने भाजपा के अपने उन विधायकों के प्रति 'सहानुभूति' जताई जो लंबे समय से मंत्री बनने के इंतजार में हैं।

मंत्रियों के विभाग बदलने पर घेरा

अखिलेश ने कहा कि जिन वर्तमान मंत्रियों के विभाग छीने या कम किए जाएंगे, जनता के बीच संदेश जाएगा कि वे नाकाम रहे। ऐसे मंत्री तो चुनाव लड़ने से पहले ही हार मान लेंगे। उन्होंने सहयोगी दलों के लिए फिल्मी अंदाज में लिखा— “तुम थे जिनके सहारे, वो हुए न तुम्हारे... वो तो ठग हैं पुराने... तुम ये सच न जाने...।”

'पीडीए' (PDA) और महंगाई पर वार

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह नई टीम भी वही करेगी जो पिछले 9 सालों से हो रहा है:

- भ्रष्टाचार और अत्याचार का बोलबाला।

- PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर लगातार वार।

- महंगाई और बेरोजगारी की मार से जनता का जीना दुश्वार।

मनोवैज्ञानिक युद्ध की शुरुआत

अखिलेश यादव के इन सवालों का मकसद मंत्रिमंडल विस्तार की खुशी पर पानी फेरना और भाजपा के भीतर 'असंतोष' को हवा देना है। वे उन विधायकों को संदेश देना चाह रहे हैं जिन्हें आज जगह नहीं मिलने वाली। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह 'पॉलिटिकल माइंड गेम' लखनऊ की राजनीति को और दिलचस्प बना रहा है।



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