ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

PM आवास पर महामंथन: पश्चिम एशिया संकट पर CCS की हाई-लेवल बैठक; खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा पर सरकार का 'कवच' तैयार

by on | 2026-04-01 20:38:15

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3198


PM आवास पर महामंथन: पश्चिम एशिया संकट पर CCS की हाई-लेवल बैठक; खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा पर सरकार का 'कवच' तैयार

नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। पीएम आवास पर हुई इस बैठक में 'कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी' (CCS) के वरिष्ठ मंत्रियों और देश के शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक का मुख्य एजेंडा युद्ध के कारण उत्पन्न हुए वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत में खाद्य व ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा।

बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?

इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की कमान संभालने वाले दिग्गज शामिल हुए:

• शीर्ष मंत्री: राजनाथ सिंह (रक्षा), अमित शाह (गृह), एस जयशंकर (विदेश), निर्मला सीतारमण (वित्त)।

• अन्य कैबिनेट मंत्री: पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी समेत कई अन्य।

• शीर्ष अधिकारी: NSA अजीत डोभाल, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन और पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा।

चर्चा के 3 बड़े मुद्दे: आम आदमी पर न आए आंच

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल का असर देश की आम जनता पर कम से कम होना चाहिए:

• ईंधन सुरक्षा (Fuel Security): स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से होने वाली 20% वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के कारण भारत में तेल की कीमतों और स्टॉक की समीक्षा की गई।

• खाद्य आपूर्ति: युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने से खाद्य वस्तुओं की कीमतों में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को रोकने के लिए रणनीति बनाई गई।

• अफवाहों पर लगाम: पीएम ने 'मन की बात' का हवाला देते हुए दोहराया कि इस संकट के समय में नफरत फैलाने वाली विदेशी ताकतों और अफवाहबाजों से सावधान रहने की जरूरत है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: क्यों चिंतित है भारत?

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी इस युद्ध का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है।

• ईरान का नियंत्रण: 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से ईरान ने इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही पर कड़ा पहरा लगा दिया है।

• भारत पर असर: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग के जरिए आयात करता है। आपूर्ति में बाधा आने से देश में ऊर्जा संकट गहराने का डर बना रहता है।

कूटनीतिक मोर्चा: ट्रंप से लेकर मध्य-पूर्व के देशों तक बात

पीएम मोदी इस संकट को टालने के लिए वैश्विक स्तर पर लगातार सक्रिय हैं:

• वैश्विक संवाद: पीएम ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, इजराइल और ईरान सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की है।

• ट्रंप से चर्चा: 24 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हुई बातचीत में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया गया था।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment