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वाराणसी में शिक्षा गुणवत्ता पर DM का जोर: निपुण लक्ष्य और सपोर्टिंग सुपरविजन में सख्ती

by admin@bebak24.com on | 2025-11-13 21:15:09

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वाराणसी में शिक्षा गुणवत्ता पर DM का जोर: निपुण लक्ष्य और सपोर्टिंग सुपरविजन में सख्ती

वाराणसी | जिले में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के उद्देश्य से गुरुवार को राइफल क्लब में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की प्रगति और विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें लापरवाह अधिकारियों के प्रति जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त की और समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर दिया।


  सपोर्टिंग सुपरविजन में कमी पर नाराजगी

जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि विकास क्षेत्र आराजी लाइन, पिंडरा और नगर क्षेत्र में एआरपी (Academic Resource Person) द्वारा सपोर्टिंग सुपरविजन का स्तर संतोषजनक नहीं है। इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए, उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को स्पष्ट निर्देश दिया कि नवंबर माह में 100% सपोर्टिंग सुपरविजन का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए।

इसी तरह, डाइट मेंटरों के कम निरीक्षण पर, जिलाधिकारी ने डाइट प्राचार्य को निर्देशित किया कि सभी मेंटर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य करें। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि यदि रोस्टर के अनुसार किसी दिन अवकाश हो, तो अगले दिन निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि कार्य में कोई रुकावट न आए।


 निपुण लक्ष्य और पठन-पाठन की गुणवत्ता

'निपुण भारत मिशन' के तहत बच्चों के असेसमेंट के लिए उपयोग किए जाने वाले निपुण प्लस एप की समीक्षा में निपुण घोषित बच्चों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए DM ने सभी विद्यालयों को पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

उनका स्पष्ट मत था कि हर विकास क्षेत्र में कम से कम 80% बच्चे सक्षम श्रेणी में आने चाहिए। तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए उन्होंने राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ से समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी का अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद वाराणसी के सभी विकास क्षेत्र 'निपुण विकास क्षेत्र' घोषित हों, जिसके लिए विद्यालयों में 80% से अधिक बच्चे निपुण श्रेणी में होने चाहिए।


  DBT कार्य में तेजी लाने का निर्देश

डीबीटी (Direct Benefit Transfer) योजना की प्रगति पर समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नवंबर माह तक डीबीटी का कार्य पूर्ण किया जाए। इस कार्य में मुख्य बाधा बच्चों के आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र न बन पाना है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने एसडीएम स्तर पर समन्वय स्थापित कर इन आवश्यक दस्तावेजों को शीघ्र तैयार कराने का निर्देश दिया।


  सुरक्षा और निरीक्षण व्यवस्था पर सख्ती 

 शिक्षकों के अवकाश की निगरानी: DTF (District Task Force) और BTF (Block Task Force) अधिकारियों को विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों के अवकाश की जांच करने का निर्देश दिया गया कि वे सक्षम स्तर से स्वीकृत हैं या नहीं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शिक्षकों द्वारा अत्यधिक अवकाश लेने की निगरानी पोर्टल के माध्यम से की जाए।

 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय: बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की बाउंड्री वॉल ऊंची कराने और सुरक्षा गैप्स (Security Gaps) की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

 दिव्यांग बच्चों के प्रमाण पत्र: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को दिव्यांग बच्चों के प्रमाण पत्र कैंप लगाकर अधिकतम बच्चों के प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक के समापन पर, जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और शिक्षकों को समयबद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया, ताकि वाराणसी बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण बन सके।



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