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ऑपरेशन वापसी': 6 साल पुराने जख्मों पर लगा मरहम! बिहार के ठिकानों से दो बेटियां सकुशल बरामद

by on | 2026-02-01 22:40:15

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ऑपरेशन वापसी': 6 साल पुराने जख्मों पर लगा मरहम! बिहार के ठिकानों से दो बेटियां सकुशल बरामद

सोनभद्र | कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत सोनभद्र पुलिस ने सच कर दिखाई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े तेवरों और 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एएचटी (AHT) की संयुक्त टीम ने बिहार में छापेमारी कर दो ऐसी बेटियों को खोज निकाला है, जिनके घरवाले उम्मीद तक छोड़ चुके थे।
पहली बड़ी कामयाबी: 2020 की फाइल खुली और बेटी मिली!
​मामला रॉबर्ट्सगंज थाने का है, जहाँ अक्टूबर 2020 में एक 16 साल की किशोरी के अपहरण की एफआईआर दर्ज हुई थी। हालत यह थी कि पुलिस ने थक-हारकर 2021 में कोर्ट में 'फाइनल रिपोर्ट' भी दाखिल कर दी थी। लेकिन फाइल बंद होने का मतलब उम्मीद टूटना नहीं था।
​कहां से मिली: बिहार के औरंगाबाद (दाउदनगर) से।
​कैसे हुआ मुमकिन: चौकी प्रभारी सुकृत और SJPU की टीम ने परिवार से संपर्क नहीं तोड़ा और 28 जनवरी 2026 को बेटी को सकुशल बरामद कर लिया।
दूसरी सफलता: 2025 की गुमशुदगी का हुआ अंत
​वहीं, अगस्त 2025 में गायब हुई एक अन्य 17 वर्षीय किशोरी की तलाश में जुटी पुलिस टीम को भी बड़ी सफलता मिली है।
​छापेमारी: पुलिस ने बिहार के नवादा जिले (ग्राम गोदापुर) में दबिश दी।
​नतीजा: 31 जनवरी 2026 को बेटी को बरामद कर रॉबर्ट्सगंज लाया गया।
​एक्शन में एसपी अभिषेक वर्मा: गोष्ठी का दिखा असर
​आपको बता दें कि 19 जनवरी को एसपी अभिषेक वर्मा ने 2014 से अब तक के गुमशुदा बच्चों की बरामदगी के लिए एक विशेष गोष्ठी की थी। अफसरों को सख्त निर्देश थे— 'हर हाल में परिवार को उनकी खुशी वापस दिलाओ'। उसी निर्देश का नतीजा है कि आज दो परिवारों के आंगन में फिर से रौनक लौट आई है।
​बेबाक टिप्पणी: वर्दी पर बढ़ा भरोसा
​अक्सर पुलिस पर फाइलें दबाने के आरोप लगते हैं, लेकिन जिस तरह से 2020 के केस में अंतिम रिपोर्ट लगने के बाद भी पुलिस ने पीछा नहीं छोड़ा, वह काबिल-ए-तारीफ है। सोनभद्र पुलिस की इस 'अथक मेहनत' की चर्चा आज पूरे जिले में है। बिहार के नवादा और औरंगाबाद से बेटियों की बरामदगी यह साबित करती है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, पुलिस की नजर से बचना नामुमकिन है।
​अग्रिम कार्यवाही: दोनों बालिकाओं की बरामदगी के बाद पुलिस अब विधिक औपचारिकताओं को पूरा कर रही है।



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