ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा! सीजेपी का बड़ा ऐलान— 'हमने कर दिखाया', जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल

by on | 2026-07-25 15:41:10

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3002


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा! सीजेपी का बड़ा ऐलान— 'हमने कर दिखाया', जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से जारी ऐतिहासिक छात्र आंदोलन के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और जंतर-मंतर पर डटे हजारों छात्रों ने इसे युवाओं और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया है।

'बेबाक24' की एक्सक्लूसिव ब्रेकिंग रिपोर्ट:

1. धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स (X) पर क्या लिखा? "देश की एकता और छात्रों के भविष्य के लिए दिया त्यागपत्र"

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना त्यागपत्र साझा करते हुए लिखा कि वे नहीं चाहते कि जंतर-मंतर के हालात का कोई राष्ट्रविरोधी ताकत फायदा उठाए।

धर्मेंद्र प्रधान (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री):

"जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें—इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। पहले ही दिन से मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा।"

 CJP का बड़ा ऐलान: "हमने कर दिखाया!"

टाइफाइड से पीड़ित होने के बावजूद जंतर-मंतर के आंदोलन की कमान संभाल रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों और देश भर के छात्रों को बधाई देते हुए कहा:

  • अभिजीत दीपके (संस्थापक, CJP): "हमने कर दिखाया! धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह देश के हर उस छात्र, अभिभावक और नागरिक की जीत है जो परीक्षा प्रणाली में ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए सड़कों पर उतरा था।"

विपक्षी दलों और जन-आंदोलन का असर

बीते एक महीने के दौरान:

  • सोनम वांगचुक का 26 दिनों का कठिन अनशन,

  • राहुल गांधी और पूरे 'इंडिया' गठबंधन का संसद से लेकर सड़क तक हमला,

  • 100 से अधिक बुद्धिजीवियों व कलाकारों का समर्थन, और

  • CJP की अगुवाई में जंतर-मंतर पर छात्रों के अटूट प्रदर्शन ने सरकार पर अभूतपूर्व नैतिक और राजनीतिक दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा इस्तीफा सामने आया है।

बेबाक24 टेक

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय राजनीति और छात्र आंदोलनों के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह दिखाता है कि जब देश का युवा एकजुट होकर संवैधानिक और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाता है, तो सत्ता को जवाबदेही तय करनी ही पड़ती है। अब देखना यह होगा कि सरकार आगामी दिनों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन और नई परीक्षा व्यवस्था के लिए क्या कानूनी कदम उठाती है।



Search
Recent News
Popular News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment