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"पेपर लीक घोर पाप, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"— NEET विवाद पर पहली बार बोले PM मोदी

by admin@bebak24.com on | 2026-07-21 21:16:05

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"पेपर लीक घोर पाप, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"— NEET विवाद पर पहली बार बोले PM मोदी

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 24 दिनों से जारी प्रदर्शन और संसद में घमासान के बीच आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। 21 जुलाई 2026 को बीजेपी/एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नीट पेपर लीक को "घोर पाप" करार देते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

'बेबाक24' की एक्सक्लूसिव स्पेशल रिपोर्ट:

एनडीए संसदीय दल की बैठक से PM मोदी के 4 बड़े बिंदु

संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने नीट परीक्षा और देश भर में जारी आक्रोश पर सरकार का रुख साफ किया:

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               │    NEET पर PM मोदी के 4 बड़े निर्देश          │
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│ 1. "पेपर लीक घोर पाप है"    │                             │ 2. "13 आरोपी गिरफ्तार"      │
│ युवाओं के भविष्य के साथ     │                             │ त्वरित कार्रवाई कर मुख्य    │
│ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा  │                             │ साजिशकर्ताओं को जेल भेजा    │
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│ 3. "पारदर्शी दोबारा परीक्षा"  │                             │ 4. "सभी राज्य एकजुट हों"     │
│ बिना देरी के फिर से NEET    │                             │ दलगत राजनीति से ऊपर उठकर    │
│ परीक्षा कराई और नतीजे दिए   │                             │ कड़ा कानून लागू करने की अपील│
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  • "पाप की कठोरतम सजा मिलेगी": प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के होनहार युवाओं के सपनों को तोड़ती हैं। उन्होंने शीर्ष वकीलों और एजेंसियों को निर्देश दिए कि दोषियों को ऐसी कठोर सजा दिलाई जाए जो नजीर बने।

  • त्वरित कार्रवाई का दावा: पीएम ने बताया कि जैसे ही गड़बड़ी की पुष्टि हुई, सरकार ने सख्त कदम उठाए। अब तक इस पूरे नेक्सस से जुड़े 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

  • राज्यों से एकजुटता की अपील: प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक केवल केंद्र का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय समस्या है। सभी राज्य सरकारों को एक साथ मिलकर ऐसे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा।

जंतर-मंतर पर 24वें दिन भी संग्राम जारी

एक तरफ जहां प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पक्ष रखा, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर माहौल लगातार गर्माया हुआ है:

  • सोनम वांगचुक का अनशन: प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनशन का आज 24वां दिन है। पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बावजूद उनका अनशन जारी है।

  • सीजेपी-सरकार वार्ता बेनतीजा: सोमवार को सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो प्रतिनिधियों (सौरव दास और आशुतोष रांका) को वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सहमति न बनने के कारण बैठक बेनतीजा रही।

बेबाक24 टेक

पिछले 24 दिनों से दिल्ली की सड़कों पर उतरा युवाओं का हुजूम और सीजेपी का संसद मार्च आखिरकार सरकार को सबसे शीर्ष स्तर पर जवाब देने के लिए मजबूर कर चुका है।

बेबाक24 का रणनीतिक विश्लेषण कहता है कि पीएम मोदी द्वारा नीट लीक को "घोर पाप" मानना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव है। हालांकि, केवल बयानों और 13 गिरफ्तारियों से प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट होने वाले नहीं हैं। जब तक संसद में इस पर सीधी बहस नहीं होती और शिक्षा व्यवस्था में संस्थागत सुधारों की ठोस गारंटी नहीं दी जाती, तब तक जंतर-मंतर से उठी यह चिंगारी शांत होना मुश्किल है।



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