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Hadi Murder Case: भारत भागे उस्मान हादी की हत्या के दो संदिग्ध; मेघालय में छिपे होने का दावा

by admin@bebak24.com on | 2025-12-28 14:22:11

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Hadi Murder Case: भारत भागे उस्मान हादी की हत्या के दो संदिग्ध; मेघालय में छिपे होने का दावा

ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश में जारी भीषण हिंसा और उथल-पुथल के बीच एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ढाका पुलिस ने दावा किया है कि छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य संदिग्ध, फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख, सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए हैं।

स्थानीय मदद से पार की सीमा

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजरुल इस्लाम के अनुसार, दोनों आरोपी स्थानीय दलालों की मदद से हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत के मेघालय राज्य में दाखिल हुए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि:

रिसीवर: सीमा पार करने के बाद 'पुर्ति' नामक व्यक्ति ने उन्हें रिसीव किया।

परिवहन: 'सामी' नामक एक टैक्सी ड्राइवर ने दोनों आरोपियों को मेघालय के तुरा शहर तक पहुँचाया।

हिरासत की खबरें: अनौपचारिक जानकारी के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने मदद करने वाले पुर्ति और सामी को हिरासत में ले लिया है।

प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज

बांग्लादेश सरकार अब इन आरोपियों को वापस लाने के लिए सक्रिय हो गई है। नजरुल इस्लाम ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर बातचीत जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

क्यों सुलग रहा है बांग्लादेश?

बांग्लादेश में तनाव की शुरुआत 12 दिसंबर को हुई जब 'इंकलाब मंच' के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई। 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद पूरे देश में हिंसा भड़क उठी

बांग्लादेश में हिंसा का चक्र: उस्मान हादी की मौत और बढ़ता तनाव

बांग्लादेश वर्तमान में हिंसा और अस्थिरता के एक गंभीर दौर से गुजर रहा है, जिसकी शुरुआत 12 दिसंबर को 'इंकलाब मंच' के छात्र नेता उस्मान हादी पर हुए जानलेवा हमले से हुई थी। 18 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी के निधन के बाद ढाका से लेकर चटगांव तक आक्रोश की लहर दौड़ गई और विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब चटगांव में एक हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) का मामला सामने आया, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी। अराजकता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा; हाल ही में नवगठित नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) के नेताओं को भी निशाना बनाया गया है। खुलना में पार्टी के नेता मोहम्मद मुतालिब सिकदर पर हुए हमले में उनके सिर पर गोली लगी, जिसके बाद उन्हें अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्याओं और हमलों की इन कड़ियों ने पूरे देश में भय और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।



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