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‘एकाधिकार ने तोड़ी छोटे व्यापारियों की कमर’: राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- देश की अर्थव्यवस्था को जकड़ा

by on | 2025-12-24 20:54:42

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‘एकाधिकार ने तोड़ी छोटे व्यापारियों की कमर’: राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- देश की अर्थव्यवस्था को जकड़ा

​नई दिल्ली | ​लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वैश्य समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ हुए ‘व्यापार संवाद’ के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने कुछ चुनिंदा बड़े कॉर्पोरेट घरानों को 'एकाधिकार' की खुली छूट दे दी है, जबकि देश की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और मझोले व्यापारियों (MSME) को गलत नीतियों की बेड़ियों में जकड़ दिया गया है।

​व्यापारियों का दर्द: ‘ढहने की कगार पर है कारोबार’

​इस संवाद में जूता निर्माण, केमिकल, हार्डवेयर, स्टेशनरी और पत्थर कटिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कारोबारी शामिल हुए। व्यापारियों ने राहुल गांधी के सामने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि आज वे गहरी निराशा में हैं। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताते हुए कहा, "जो समुदाय सदियों से रोजगार और संपत्ति का सृजन करता रहा है, अगर वह आज संकट में है, तो यह पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है।"

जीएसटी नहीं, यह ‘उत्पीड़न का औजार’ है

​संवाद के दौरान कारोबारियों ने वर्तमान जीएसटी (GST) व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि:

​जीएसटी के स्लैब तर्कहीन हैं और छोटे उद्योगों को खत्म करने के लिए बनाए गए हैं।

​कच्चे माल पर टैक्स अधिक और तैयार माल पर कम होने से उद्योगों को नुकसान हो रहा है।

​जटिल नौकरशाही और नियमों के बोझ ने व्यापार करना दूभर कर दिया है।

​राहुल गांधी ने दोहराया कि यह 'गब्बर सिंह टैक्स' सुधार नहीं, बल्कि व्यापारियों के दमन का एक जरिया बन गया है।

​एकाधिकार बनाम उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था

​राहुल गांधी ने सरकार के आर्थिक मॉडल पर प्रहार करते हुए कहा कि तीन-चार अरबपति पूरे देश को रोजगार नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, "सरकार का एकाधिकार और द्वैधाधिकार (Oligopoly) वाला मॉडल देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहा है। रोजगार तभी पैदा होगा जब उत्पादन बढ़ेगा और छोटे व्यापारी मजबूत होंगे।"

​‘आत्मनिर्भर भारत’ सिर्फ एक नारा, बढ़ रही चीन पर निर्भरता

​बैठक में व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' जमीनी हकीकत में सिर्फ एक राजनीतिक नारा बनकर रह गया है। नीतियों में खामियों के कारण भारत आज पहले से कहीं ज्यादा चीन पर निर्भर होता जा रहा है। व्यापारियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले राहुल गांधी की चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन अब आर्थिक हालात ने उन्हें सच का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।



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