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ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयास रंग लाए: घोसी चीनी मिल के तीन गन्ना क्रय केंद्र बहाल

by on | 2025-12-24 19:14:34 Last Updated by admin@bebak24.com on

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ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयास रंग लाए: घोसी चीनी मिल के तीन गन्ना क्रय केंद्र बहाल

सुमित कुमार

किसानों को बड़ी राहत: करखिया, खोजौली और लाटघाट केंद्र अब सठियांव के बजाय घोसी मिल से जुड़े

मऊ | संवाददाता नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा के प्रभावी हस्तक्षेप और सतत प्रयासों के बाद मऊ जिले के गन्ना किसानों को बड़ी सफलता मिली है। शासन ने घोसी किसान सहकारी चीनी मिल से काटे गए तीन प्रमुख गन्ना क्रय केंद्रों—करखिया, खोजौली और लाटघाट—को पुनः बहाल कर दिया है। इस निर्णय से मऊ, घोसी और मधुबन क्षेत्र के हजारों किसानों में खुशी की लहर है।

दूरी और अतिरिक्त खर्च से मिलेगी मुक्ति

गौरतलब है कि प्रशासनिक व्यवस्था के तहत इन केंद्रों को पूर्व में चीनी मिल सठियांव (आजमगढ़) को आवंटित कर दिया गया था। इसके चलते किसानों को गन्ना गिराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे परिवहन का खर्च बढ़ गया था और समय की बर्बादी हो रही थी। किसानों ने अपनी यह पीड़ा क्षेत्र भ्रमण के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा के सामने रखी थी।

मंत्री ने शासन स्तर पर की पैरवी

किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए श्री ए. के. शर्मा ने इस मुद्दे को शासन स्तर पर उठाया। उन्होंने गन्ना मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी से मुलाकात कर किसानों की व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया और जनहित में इन केंद्रों को वापस घोसी मिल को सौंपने का अनुरोध किया। उनके तर्कों और तथ्यों को स्वीकार करते हुए शासन ने केंद्रों की बहाली का आदेश जारी कर दिया।

सरकार की प्राथमिकता में किसान: ए.के. शर्मा


इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गन्ना मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा, "प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

किसानों ने जताया आभार


गन्ना केंद्रों की बहाली की खबर मिलते ही किसान संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों ने जश्न मनाया। किसानों का कहना है कि अब स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से उनके समय और धन की बचत होगी। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय को सरकार की किसान-हितैषी नीति की जीत बताया है।



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