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सोनभद्र में खनन संचालकों की दबंगई, कवरेज करने गए पत्रकारों को दी जान से मारने की धमकी

by on | 2025-12-24 18:31:58

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सोनभद्र में खनन संचालकों की दबंगई, कवरेज करने गए पत्रकारों को दी जान से मारने की धमकी


बिल्ली खनन क्षेत्र की घटना: बजरंग स्टोन खदान के गुर्गों ने मीडियाकर्मियों को घेरा, बोले- 'दोबारा आए तो खदान में धकेल देंगे'

ओबरा (सोनभद्र): जनपद के ओबरा क्षेत्र अंतर्गत बिल्ली खनन इलाके में खनन करने वालों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवाज को भी दबाने का दुस्साहस कर रहे हैं। शनिवार को बजरंग स्टोन खदान में जांच टीम के पहुंचने की सूचना पर कवरेज करने गए पत्रकारों को खदान मालिक के गुर्गों ने न केवल रोका, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया। घटना के बाद जिले के पत्रकारों में भारी रोष है।

जांच की खबर पर पहुंचे थे पत्रकार

मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार खदान में चल रही प्रशासनिक जांच की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। जैसे ही पत्रकार खदान के समीप पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे खदान मालिक धीरज राय के गुर्गों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी। हद तो तब हो गई जब गुर्गों ने सरेआम धमकी देते हुए कहा, "अगर दोबारा यहां खबर कवर करने आए, तो इसी गहरी खदान में धकेल देंगे।"

हादसों के बाद 'नो एंट्री' जोन बनी खदानें

विगत दिनों में हुए विभिन्न खदान हादसों के बाद से ही खनन क्षेत्रों में मीडिया की आवाजाही पर खनन माफियाओं ने अघोषित पहरा लगा दिया है। सच्चाई सामने न आए, इसके लिए खदानों के चारों ओर कैमरों और लठैतों का पहरा रहता है। पत्रकारों का आरोप है कि वे संवैधानिक अधिकारों के तहत जनहित में समाचार संकलन करने गए थे, लेकिन माफिया कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखा रहे हैं।


पुलिसिया कार्रवाई की मांग, सौंपा ज्ञापन

घटना से आक्रोशित पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल ओबरा थाना पहुंचा और थाना प्रभारी को लिखित ज्ञापन सौंपकर दोषी खदान मालिक व उसके गुर्गों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों ने दो टूक कहा कि यदि इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। इस अवसर पर सतीश भाटिया, भोला दुबे, ऋषि गुप्ता, सुरेन्दर कुमार, अरविंद कुशवाहा, कुंभध चौधरी, कन्हैयालाल केसरी, विकास हलचल, मुस्ताफ अहमद और किरण गौड़ समेत कई पत्रकार उपस्थित रहे।

प्रशासन से तीखे सवाल

 * संरक्षण किसका?: जांच टीम की मौजूदगी में गुर्गे पत्रकारों को कैसे धमका सकते हैं? क्या इन्हें किसी सफेदपोश या रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है?

 * सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न: जब सजग प्रहरी (पत्रकार) ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वहां काम करने वाले आम मजदूरों और नागरिकों की सुरक्षा का क्या?

 * कानून का डर खत्म?: क्या सोनभद्र का खनन क्षेत्र अब प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो चुका है?

> बोले कोतवाल > "मामले की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। तहरीर के आधार पर खदान मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।"

> — विजय चौरसिया, SHO ओबरा



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