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लेखपाल भर्ती में आरक्षण पर CM योगी का कड़ा रुख, राजस्व परिषद को दी चेतावनी

by admin@bebak24.com on | 2025-12-20 14:48:06

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लेखपाल भर्ती में आरक्षण पर CM योगी का कड़ा रुख, राजस्व परिषद को दी चेतावनी


लखनऊ | मुख्य संवाददाता राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों पर भर्ती के विज्ञापन में सामने आई आरक्षण की विसंगतियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के कड़े हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद को सख्त चेतावनी जारी की गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

​एक सप्ताह में मांगा संशोधित अधियाचन

​मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजस्व परिषद ने श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा (री-वेरिफिकेशन) शुरू कर दी है। परिषद को निर्देशित किया गया है कि एक सप्ताह के भीतर संशोधित अधियाचन तैयार कर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजा जाए। इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह नियमसम्मत बनाना और लंबवत (Vertical) व क्षैतिज (Horizontal) दोनों प्रकार के आरक्षण का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है।

​'सामाजिक न्याय से समझौता नहीं'

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मूल भावना है। उन्होंने सभी विभागों को आगाह किया है कि:

  • ​आरक्षण नियमों का अक्षरशः पालन अनिवार्य है।
  • ​भविष्य में किसी भी विसंगति के लिए संबंधित अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी।
  • ​भर्तियों में पारदर्शिता और कानूनसम्मत प्रक्रिया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​क्यों पैदा हुआ विवाद?

​उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2025 को लेखपाल भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार आंकड़ों में गंभीर विसंगतियाँ पाई गई थीं। इसके बाद युवाओं और अभ्यर्थियों के बीच असंतोष की स्थिति बनी, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। वर्तमान में राजस्व परिषद कार्यरत और रिक्त पदों की गणना का पुनः सत्यापन कर रहा है।

​"मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकता के आधार पर आंकड़ों की समीक्षा की जा रही है। संशोधित अधियाचन भेजने के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, विवाद-मुक्त और आरक्षण नियमों के अनुरूप आगे बढ़ेगी।"

कंचन वर्मा, सचिव, राजस्व परिषद


​युवाओं के लिए स्पष्ट संदेश

​शासन के इस कदम को आने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक नजीर माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ या संवैधानिक नियमों में ढिलाई किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।



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