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रामनगर में 3 इंजेक्शन के बाद काबू में आया धनराज, हथिनी को देखकर बिदकने की आशंका

by on | 2026-10-20 15:25:56

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रामनगर में 3 इंजेक्शन के बाद काबू में आया धनराज, हथिनी को देखकर बिदकने की आशंका

वाराणसी | बेबाक24 न्यूज़

रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला में उत्पात मचाने वाला हाथी धनराज अब नियंत्रण में है। गोरखपुर चिड़ियाघर से आई पशु चिकित्सकों की टीम ने उसे 3 इंजेक्शन दिए, जिसके बाद उसे काबू किया जा सका। सोमवार को हाथी को प्रभु नारायण इंटर कॉलेज के सामने रासलीला मैदान में बांधकर रखा गया, जहां वन विभाग और मालिक के कर्मचारी उसकी निगरानी कर रहे हैं। उधर, गंभीर रूप से घायल महावत छापलू का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।

हथिनी को देखकर बिदकने की आशंका

पशु चिकित्सकों के अनुसार, धनराज एक हथिनी को देखने के बाद बिदक गया था। डॉक्टरों ने बताया कि हाथी के मस्ती की अवस्था में रहने की अवधि करीब 2 महीने तक हो सकती है। ऐसी स्थिति में उसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ले जाने से बचना चाहिए।

धनराज रविवार सुबह जंजीर तोड़कर बेकाबू हो गया था। उसे नियंत्रित करने में वन विभाग और अन्य टीमों को करीब 11.5 घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान हाथी ने महावत छापलू को गंभीर रूप से घायल कर दिया और बिजली के खंभों सहित आसपास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।

रामलीला में हाथी के उपयोग की अनुमति पर सवाल

धनराज इस वर्ष रामनगर की रामलीला में 14वीं बार आया था। हालांकि, वन विभाग से हाथी के उपयोग की अनुमति नहीं ली गई थी। दुर्ग प्रशासन के सुरक्षाधिकारी राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, रामलीला में हाथी के उपयोग के लिए अनुमति लेने की परंपरा नहीं रही है।

दूसरी ओर, वाराणसी की डीएफओ निधि चौहान ने कहा है कि हाथी के लाइसेंस और वन विभाग की अनुमति से संबंधित जानकारी की जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पिछले करीब 60 वर्षों से काशीराज परिवार के पास अपना हाथी नहीं है। रामलीला में हाथी को किराये पर मंगाया जाता रहा है। पिछले 15 वर्षों से आजमगढ़ के 3 लोगों के यहां से हाथी लाए जाने की जानकारी सामने आई है।

2013 का विवाद फिर चर्चा में

रामलीला में हाथी के इस्तेमाल को लेकर वर्ष 2013 में भी विवाद हुआ था। उस समय वन विभाग ने अनुमति के बिना हाथी के उपयोग पर रोक लगाई थी। इसके बाद हाथी की सवारी बंद होने से रामलीला प्रभावित हुई और विरोध के बाद प्रशासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था।

अब धनराज की घटना के बाद जनसुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को लेकर फिर सवाल उठे हैं। रामलीला प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अवधेश दीक्षित ने अधिकारियों को पत्र भेजकर हाथी के उपयोग से पहले जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराने की मांग की है।

उन्होंने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत हाथी के स्वामित्व, परिवहन और सार्वजनिक आयोजन में उपयोग से जुड़े प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही स्वामित्व प्रमाण-पत्र, आवश्यक वन विभागीय अनुमति, पशु चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र और जिला प्रशासन की अनुमति पर जोर दिया।

आजमगढ़ ले जाने की तैयारी

फिलहाल धनराज को रासलीला मैदान में निगरानी के बीच रखा गया है। हाथी के मालिक की ओर से उसे वापस आजमगढ़ ले जाने की तैयारी की जा रही है। मैदान के आसपास सुरक्षा के लिए रामनगर थाने के 4 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

बेबाक24 टेक

रामनगर की रामलीला में धनराज के उत्पात के बाद हाथी के उपयोग की अनुमति, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। वन विभाग ने लाइसेंस और अनुमति की स्थिति की जांच की बात कही है। ऐतिहासिक परंपरा के साथ महावत, दर्शकों और वन्यजीव की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।



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