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यूपीआई शुल्क पर सीतारमण की सफाई, बोलीं-सरकार के खाते में नहीं जाएगा पैसा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-25 14:33:53

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यूपीआई शुल्क पर सीतारमण की सफाई, बोलीं-सरकार के खाते में नहीं जाएगा पैसा

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

यूपीआई भुगतान पर व्यापारी छूट दर यानी एमडीआर शुल्क को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह शुल्क न तो कर है, न उपकर और न ही अधिभार। इससे मिलने वाली राशि भारत सरकार के समेकित कोष में नहीं जाती।

सीतारमण के मुताबिक, एमडीआर शुल्क सरकार की ओर से लगाया गया शुल्क नहीं है। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय भुगतान निगम, भुगतान सेवा प्रदाताओं, मशीन उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं और व्यापारी बैंकों के बीच तय व्यवस्था के तहत लिया जाता है।

ग्राहक पर नहीं पड़ेगा भार

वित्त मंत्री ने कहा कि 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लागू होने वाला एमडीआर शुल्क व्यापारी को देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका भार ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा।

उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही अन्य कार्ड आधारित भुगतान पर इस तरह के शुल्क का भुगतान करते हैं। वहां भी यह शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाता। व्यापारी अपनी योजनाओं या अन्य माध्यमों से ग्राहकों को लाभ दे सकते हैं, लेकिन शुल्क व्यवस्था भुगतान प्रणाली का हिस्सा है।

विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब

सीतारमण ने इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसे सरकार द्वारा लागू किया गया शुल्क बताना सही नहीं है। उनके अनुसार यह राष्ट्रीय भुगतान निगम, भुगतान बैंकों और व्यापारी बैंकों के बीच पेशेवर स्तर पर तय व्यवस्था है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पर दबाव में निर्णय लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, जबकि यह सरकार महामारी और युद्ध जैसी परिस्थितियों में देश की संप्रभुता से जुड़े मामलों पर मजबूती से खड़ी रही है। उन्होंने एमडीआर को सरकारी कर बताने की धारणा को गलत बताया।

बेबाक24 टेक

यूपीआई शुल्क को लेकर वित्त मंत्री की सफाई का मुख्य बिंदु यह है कि प्रस्तावित शुल्क सरकारी राजस्व का हिस्सा नहीं होगा और इसका सीधा भार ग्राहक पर डालने की बात नहीं कही गई है। वास्तविक असर भुगतान व्यवस्था से जुड़े व्यापारियों और संस्थाओं पर पड़ने वाली लागत पर निर्भर करेगा।



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