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आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन, परीक्षा में चैटजीपीटी विवाद पर उठे सवाल

by admin@bebak24.com on | 2026-09-19 18:00:20

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आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन, परीक्षा में चैटजीपीटी विवाद पर उठे सवाल

मुंबई | बेबाक24 न्यूज़

आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र की मौत के बाद छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल और चैटजीपीटी के कथित इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच, प्रशासन की भूमिका और संस्थान में हाल में हुई ऐसी घटनाओं को लेकर जवाब मांग रहे हैं। हालांकि छात्र की मौत और परीक्षा से जुड़े विवाद के बीच सीधा संबंध अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।

परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी इस्तेमाल का मामला

मृत छात्र की पहचान साहिल वकोडे के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक वह ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष का विद्यार्थी था।

संस्थान के अनुसार परीक्षा के दौरान छात्र ने सवालों के उत्तर जानने के लिए प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। प्रशिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत की थी तथा उसे समझाया गया था।

संस्थान के मुताबिक बातचीत के बाद छात्र छात्रावास स्थित अपने कमरे में लौट गया। बाद में शाम को वह कमरे में मृत पाया गया।

आईआईटी बॉम्बे ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि संस्थान छात्र के मित्रों, सहपाठियों और शिक्षकों समेत प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा है। संस्थान ने यह भी कहा कि मौत से जुड़ी परिस्थितियों की संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।

छात्रों ने प्रशासन से मांगी पूरी जानकारी

घटना सामने आने के बाद परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

कुछ छात्रों का दावा है कि परीक्षा में अनुचित साधन के आरोप के बाद छात्र को निलंबन की आशंका बताई गई थी। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाई होने पर उसे छात्रावास छोड़ना पड़ता और उसकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संस्थान की ओर से छात्र को निलंबित किए जाने की बात सामने नहीं आई है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस साल परिसर में ऐसी चार घटनाएं होने का दावा किया है। उनका कहना है कि इनमें दो घटनाएं पिछले दो महीनों के दौरान हुई हैं। छात्र अब प्रशासन से इन घटनाओं के कारणों, जांच की प्रक्रिया और भविष्य में रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं।

पुलिस ने क्या बताया?

डीसीपी दत्तात्रेय नलावड़े के अनुसार घटना के बाद कुछ छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की है और प्रशासन तथा छात्रों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक मृत छात्र बीटेक के दूसरे वर्ष में पढ़ रहा था और मामले की जांच जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग प्रशासन से पारदर्शी जानकारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की है।

छात्र अंश ने कहा कि पूरी छात्र बिरादरी इस घटना से दुखी है और ऐसे समय में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय सभी पक्षों को साथ खड़े होने की जरूरत है। वहीं प्रदर्शन कर रहे अन्य छात्रों ने प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच बने मतभेदों पर भी चिंता जताई।

आगे क्या होगा?

फिलहाल पुलिस जांच और संस्थान की आंतरिक प्रक्रिया से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। छात्रों की मांग है कि जांच की जानकारी पारदर्शी तरीके से साझा की जाए और परिसर में विद्यार्थियों के दबाव तथा कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

बेबाक24 की राय

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्र की मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार किया जाए। परीक्षा में चैटजीपीटी के कथित इस्तेमाल, संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई और मौत के बीच संबंध को लेकर छात्रों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, तथ्यात्मक जानकारी और विद्यार्थियों के लिए समय पर सहायता व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।



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