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कल्लू खाकी' का मुखबिर या जुआ माफिया? लंका थाना क्षेत्र मे लाखों का दांव

by on | 2026-08-30 23:30:08

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कल्लू खाकी' का मुखबिर या जुआ माफिया? लंका थाना क्षेत्र मे  लाखों का दांव

वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी काशी का लंका थाना क्षेत्र इन दिनों एक कुख्यात अपराधी के अवैध कारनामों और पुलिस की संदेहास्पद खामोशी को लेकर जबरदस्त चर्चा में है।

​लंका थाने की रमना चौकी के ठीक नाक के नीचे—नैपुरा बजबजा और नुवाव गांव (मुलाकात होटल से महज़ 200 मीटर की दूरी पर)—रोजाना सरेआम अवैध जुए की महफिल सज रही है। स्थानीय सूत्रों और त्रस्त ग्रामीणों का साफ आरोप है कि इस पूरे काले कारोबार का मुख्य सरगना लंका थाने का हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ कल्लू यादव (कल्लू सीर) है।

​खाकी की कथित सरपरस्ती और अनदेखी के दम पर इस फड़ पर रोजाना लाखों-करोड़ों रुपये का दांव लगाया जा रहा है। लंका पुलिस अपने इस हिस्ट्रीशीटर मुखबिर की काली कमाई और फड़ पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठी है।

अवैध नेटवर्क की संरचना और मुख्य किरदार

​हिस्ट्रीशीटर कल्लू यादव ने इस जुआ नेटवर्क को किसी संगठित कॉरपोरेट की तरह व्यवस्थित कर रखा है। फड़ का संचालन सुचारू रूप से चलाने के लिए अपने खास गुर्गों की पूरी फौज तैनात की गई है:

  • मुख्य बुकी (बुक संचालन): प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ गेदा (निवासी: ग्राम टिकरी)
  • सहायक बुकी 2: सुरेश यादव (निवासी: ग्राम रमना)
  • सहायक बुकी 3: भग्गू मौर्या (निवासी: ग्राम टिकरी) — वर्तमान ग्राम प्रधान, जो अपने प्रधानी चुनाव में पानी की तरह बहाए गए पैसे की भरपाई इसी अवैध जुए के फड़ से कर रहा है।
  • सहायक बुकी 4: रामू पाल (निवासी: मिर्जापुर)

बर्बादी का दलदल और उठते गंभीर सवाल

​यह शातिर गिरोह आम लोगों को रातों-रात अमीर बनने का हसीन सपना दिखाता है और करोड़ों के दांव का लालच देकर दलदल में धकेलता है। स्थिति बेहद चिंताजनक है—इस जुए की लत में फंसकर कई परिवार कंगाल हो चुके हैं। सर्वस्व गंवाने के बाद लोग भारी मानसिक तनाव और आत्मघाती कदम उठाने जैसी स्थिति में पहुंच रहे हैं।

बेबाक सवाल:

  1. ​क्या लंका पुलिस को महज़ 200 मीटर दूर चल रहे इस विशाल जुआ फड़ की खबर नहीं है, या फिर 'सांठ-गांठ' का पर्दा आंखों पर बंधा है?
  2. सीओ भेलूपुर का दफ्तर भी महज़ 2 किलोमीटर की दूरी पर है, इसके बावजूद यह काला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है—जो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और मंशा पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।
  3. ​कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर एक हिस्ट्रीशीटर किसके इशारे पर पूरी काशी में अपना समानांतर अवैध साम्राज्य चला रहा है?

​क्षेत्रीय जनता अब आलाधिकारियों के सीधे हस्तक्षेप और इस पूरे जुआ रैकेट पर कड़ी बुलडोजर व कानूनी कार्रवाई की आस लगाए बैठी है।



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