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यूपी में बारिश का कहर: चित्रकूट डूबा, प्रयागराज में गंगा उफनाई

by admin@bebak24.com on | 2026-08-30 12:42:30

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यूपी में बारिश का कहर: चित्रकूट डूबा, प्रयागराज में गंगा उफनाई

चित्रकूट/लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। रामघाट क्षेत्र की सैकड़ों दुकानें पानी में डूब गईं, जबकि सड़क और रेल संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है।

चित्रकूट में बंद हुआ आवागमन

मंदाकिनी के तेज बहाव के कारण झांसी-मिर्जापुर राजमार्ग पर पुल के आसपास पानी पहुंच गया। प्रशासन ने एहतियातन आवागमन रोक दिया। चित्रकूट-बांदा मार्ग और सतना की ओर जाने वाले रास्तों पर भी यातायात प्रभावित हुआ।

मानिकपुर-सतना मार्ग पर कारी बराह पुल के क्षतिग्रस्त होने से संपर्क व्यवस्था को झटका लगा है। रेलवे मार्ग पर भी पानी और मिट्टी भरने से रेल संचालन प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

रामघाट की दुकानें पानी में डूबीं

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रामघाट और आसपास के इलाकों में दिखाई दिया। करीब 800 दुकानें पानी में डूब गईं। कई घरों में पानी भरने के कारण लोग ऊंचे स्थानों और सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए।

होटलों में ठहरे कई श्रद्धालु भी फंस गए। कुछ लोगों ने छतों और खिड़कियों से सहायता की अपील की। प्रशासन और बचाव दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया है। गोबरिया क्षेत्र से करीब 50 लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह ले जाया गया।

प्रयागराज में नदियां उफान पर

प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। संगम क्षेत्र में पानी हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार और आसपास के मार्गों तक पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों पर नजर बढ़ा दी है और राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है।

26 जिले बाढ़ की चपेट में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं और 251 गांवों पर बाढ़ का असर पड़ा है। प्रशासन ने राहत और बचाव के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं, जबकि एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ या बिजली की चपेट में आने से मृत्यु होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। बाढ़ में गरीब परिवार का मकान गिरने पर तत्काल भूमि पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने राहत शिविर पहुंचकर प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों से बचाव कार्यों की जानकारी ली।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और सड़क, रेल तथा अन्य जरूरी संपर्क बहाल करना है।



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