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सरकारी अस्पताल में निजी कर्मचारी की 'अघोषित सरकार'! जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर अपनी ही चला रहा फरमान

by on | 2026-08-29 23:47:23

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सरकारी अस्पताल में निजी कर्मचारी की 'अघोषित सरकार'! जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नाम पर अपनी ही चला रहा फरमान

वाराणसी (बेबाक 24)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) राजकीय चिकित्सालय में एक निजी कंपनी के कर्मचारी की मनमानी और दुस्साहस का नया मामला सामने आया है। अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर तैनात कर्मचारी न केवल गोपनीय कार्यों में दखल दे रहा है, बल्कि अब उसने खुद को शासन मानकर अपने स्तर से फरमान चस्पा कर दिया है।

​अस्पताल परिसर में चस्पा किए गए नोटिस में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों को पहले से 'ऑनलाइन आवेदन' करके आने का आदेश दिया गया है। निजी कर्मचारी के इस आत्मघाती तुगलकी फरमान से इलाज और कागजी कार्रवाई के लिए भटक रहे मरीजों और उनके परिजनों में भारी भ्रम की स्थिति बन गई है।

अधिकारियों के निर्देशों की धज्जियां

जानकारी के अनुसार, 'आशा सिक्योरिटी' के तहत तैनात कर्मचारी संजय कुमार सिंह की ड्यूटी केवल पंजीकरण काउंटर के कार्यों तक सीमित है। इसके बावजूद वह अस्पताल के अन्य गोपनीय और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है। हाल ही में अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रभारी डीजी हेल्थ ने भी इस मामले का संज्ञान लिया था और कर्मचारी को सिर्फ पंजीकरण काउंटर तक ही सीमित रहने की कड़ी हिदायत दी थी। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब उच्चाधिकारी पहले ही सीमा तय कर चुके हैं, तो फिर इस कर्मचारी को अस्पताल की ओर से सार्वजनिक आदेश चस्पा करने की छूट किसने दी?

सीएमएस ने कहा- मांगा जा रहा जवाब

डीडीयू अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि सामान्य प्रसव से जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र 2 दिन में और सिजेरियन प्रसव का प्रमाण पत्र 5 दिन में अस्पताल प्रशासन द्वारा ही उपलब्ध करा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि संबंधित निजी कर्मचारी ने ऑनलाइन आवेदन का आदेश किस आधार पर और किसके निर्देश पर चस्पा किया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उक्त कर्मचारी से इस मनमानी पर स्पष्टीकरण और जवाब मांगा जा रहा है।



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