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जिसे हादसा समझा, वो निकली साज़िश!’ — प्रेम-प्रसंग में बाधक बने पति की बेरहमी से हत्या, पत्नी और प्रेमी समेत 4 गिरफ्तार

by on | 2026-08-29 21:42:27

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जिसे हादसा समझा, वो निकली साज़िश!’ — प्रेम-प्रसंग में बाधक बने पति की बेरहमी से हत्या, पत्नी और प्रेमी समेत 4 गिरफ्तार

सोनभद्र |  बेबाक 24:

सड़क किनारे मिली जिस लाश को दुनिया एक मामूली 'रोड एक्सीडेंट' मान रही थी, उसकी परतें जब उधड़ीं तो सामने आई खौफनाक साज़िश। शक्तिनगर थाना क्षेत्र में एनसीएल कर्मी की संदिग्ध मौत का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर 'हत्याकांड' का सनसनीखेज खुलासा कर दिया। हुस्न, बेवफाई और कत्ल के इस ताने-बाने में कोई और नहीं, बल्कि खुद पीड़ित की पत्नी और उसका प्रेमी मास्टरमाइंड निकले।

कमरे में रंगे हाथ पकड़े गए, फिर कर दिया काम तमाम

मामला 23 अगस्त 2026 का है। एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन के पद पर तैनात रमाशंकर मिश्रा का शव बीना स्टेडियम/जमशीला के पास संदिग्ध हालत में मिला था। पहली नज़र में मामला सड़क हादसे का लगा, लेकिन कोतवाल ने जब तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स खंगाली गईं, तो कहानी बदल गई।

​22 अगस्त की रात रमाशंकर ने अपनी पत्नी प्रियंका मिश्रा को उसके प्रेमी विकास चौहान के साथ अपने ही घर में ऐन मौके पर पकड़ लिया था। पोल खुलते ही घर में जमकर बवाल हुआ। खुद को फंसता देख पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रमाशंकर का गला घोंट दिया और उनका सिर फर्श पर पटक-पटककर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

लाश को एक्सीडेंट बनाने की नाकाम चाल

कत्ल को छुपाने के लिए खूनी खेल का दूसरा अंक शुरू हुआ। प्रेमी विकास ने अपने दो साथियों—अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता को बुलाया। चादर में लपेटी लाश को सड़क किनारे ले जाया गया और फिर किसी गाड़ी से टक्कर मार दी गई, ताकि पुलिस इसे हिट एंड रन केस मान ले। लेकिन कातिलों की यह चालाकी पुलिस की पैनी नज़र के आगे पस्त हो गई।

पुलिस की गिरफ्त में आए चारों गुनहगार:

विकास चौहान (25) — (प्रेमी / मुख्य साज़िशकर्ता)


प्रियंका मिश्रा (35) — (मृतक की बेवफा पत्नी)


अनुराग सिंह उर्फ बादल (18) — (मददगार साथी)


सोनू गुप्ता — (साक्ष्य मिटाने में शामिल)


​शक्तिनगर थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार राय और उपनिरीक्षक अजय कुमार श्रीवास्तव की टीम ने सभी चारों आरोपियों को दबोचकर बीएनएस की धारा 103(2) और 238 के तहत सलाखों के पीछे भेज दिया है। कानून के हाथ आखिरकार उन तक पहुंच ही गए, जो हादसे की आड़ में कत्ल का राज छुपाने चले थे।



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