ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
ताजा खबर ताजा खबर

तमिलनाडु में शराब दुकानों पर नई डिजिटल व्यवस्था, 1 सितंबर से होगा लागू

by on | 2026-08-28 13:02:03

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3135


तमिलनाडु में शराब दुकानों पर नई डिजिटल व्यवस्था, 1 सितंबर से होगा लागू

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

तमिलनाडु में सरकारी शराब बिक्री संस्था टासमैक की खुदरा दुकानों पर 1 सितंबर से नई डिजिटल व्यवस्था लागू होगी। इसके बाद दुकानों में शराब के भंडार की मांग कागजी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि हाथ में पकड़े जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए भेजी जाएगी।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से भंडार प्रबंधन बेहतर होगा, कागजी काम कम होगा और दुकानों तक ग्राहकों की मांग के अनुसार सामान पहुंचाने में तेजी आएगी।

मांग दर्ज करने की बदलेगी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक दुकान के लिए अलग-अलग उत्पाद और पैक के आधार पर निर्धारित मात्रा उपकरण में स्वतः दिखाई देगी। दुकान के प्रभारी इस मात्रा को कम नहीं कर सकेंगे, लेकिन स्थानीय मांग को देखते हुए इसे 20 प्रतिशत तक बढ़ा सकेंगे।

किसी लोकप्रिय पंजीकृत उत्पाद का नाम निर्धारित सूची में नहीं होने पर उसे भी स्थानीय मांग के आधार पर जोड़ा जा सकेगा।

सुरक्षित होगा भंडार का हिसाब

अंतिम मांग भेजने से पहले पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एक बार उपयोग होने वाले संकेतांक का सत्यापन जरूरी होगा। इससे मांग दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया गया है।

टासमैक के अनुसार, राज्य के सभी 38 जिलों और भंडार केंद्रों का कंप्यूटरीकरण पहले ही किया जा चुका है। नई व्यवस्था उसी डिजिटल ढांचे को आगे बढ़ाने की दिशा में अगला कदम है।

ग्राहकों को क्या मिलेगा फायदा?

नई प्रणाली से दुकानों में उपलब्ध भंडार की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। मांग और आपूर्ति के आंकड़ों के आधार पर उन उत्पादों की उपलब्धता बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा, जिनकी स्थानीय स्तर पर अधिक मांग रहती है।

साथ ही, दुकानों और भंडार केंद्रों के बीच जानकारी तेजी से साझा होने से आपूर्ति व्यवस्था में होने वाली देरी और मानवीय त्रुटियों को कम करने की उम्मीद है।

अभी चल रहा परीक्षण

पूरे राज्य में व्यवस्था अनिवार्य करने से पहले इसका परीक्षण चरण चल रहा है। अधिकारियों की ओर से इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था में दर्ज आंकड़ों का पुराने अभिलेखों से मिलान किया जा रहा है, ताकि तकनीकी कमियों को दूर किया जा सके।

1 सितंबर से नई व्यवस्था लागू होने के बाद भंडार की मांग, उसकी पुष्टि और आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment