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चंद्र ग्रहण खत्म: 12:30 बजे पूरा हुआ ग्रहण, भारत में नहीं दिखा

by on | 2026-08-28 12:43:14

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चंद्र ग्रहण खत्म: 12:30 बजे पूरा हुआ ग्रहण, भारत में नहीं दिखा

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त को समाप्त हो गया। ग्रहण की आंशिक अवस्था सुबह करीब 11:21 बजे खत्म हुई, जबकि चंद्रमा के पृथ्वी की उपच्छाया से पूरी तरह बाहर निकलने के साथ दोपहर 12:30 बजे ग्रहण की पूरी प्रक्रिया समाप्त मानी गई।

खास बात यह रही कि यह खगोलीय घटना रक्षाबंधन के दिन हुई। हालांकि, ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया, इसलिए यहां इसके प्रत्यक्ष खगोलीय प्रभाव नहीं देखे गए।

भारत से दिखाई नहीं दिया ग्रहण

28 अगस्त का चंद्र ग्रहण आंशिक प्रकृति का था। यह यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका समेत दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया, लेकिन ग्रहण के दौरान चंद्रमा भारत के क्षितिज के नीचे होने के कारण देश के किसी हिस्से से इसका प्रत्यक्ष दृश्य संभव नहीं था।

इसी वजह से भारत में रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का खगोलीय प्रभाव नहीं पड़ा।

ग्रहण की मुख्य टाइमिंग

पंचांग आधारित विवरण के अनुसार, ग्रहण की उपच्छाया अवस्था सुबह करीब 6:55 बजे शुरू हुई। इसका आंशिक चरण सुबह 8 बजे के बाद सक्रिय हुआ और करीब 9:43 बजे ग्रहण अपने चरम पर रहा। आंशिक ग्रहण लगभग 11:21 बजे समाप्त हुआ, जबकि दोपहर 12:30 बजे चंद्रमा उपच्छाया से भी बाहर आ गया।

ग्रहण के बाद धार्मिक मान्यताओं में क्या किया जाता है?

धार्मिक परंपराओं में ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान, पूजा-पाठ और दान को शुभ माना जाता है। कई लोग घर की सफाई करने, पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कने और जरूरतमंदों को अन्न या अन्य उपयोगी वस्तुएं दान करने की परंपरा का पालन करते हैं।

इन उपायों को धार्मिक मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए, वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं।

अब अगला चंद्र ग्रहण कब?

भारत से दिखाई देने वाला अगला चंद्र ग्रहण 20 फरवरी 2027 को होने की जानकारी दी गई है। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। इसकी दृश्यता और स्थानीय समय स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं।

रक्षाबंधन पर ग्रहण का क्या असर रहा?

क्योंकि 28 अगस्त का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया, इसलिए स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार रक्षाबंधन के आयोजन पर इसका प्रत्यक्ष खगोलीय प्रभाव नहीं माना गया। हालांकि, अलग-अलग पंचांग और धार्मिक परंपराओं में ग्रहण तथा शुभ मुहूर्त को लेकर मत अलग हो सकते हैं।



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