ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी

इंस्टाग्राम पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेटा घिरी, अदालत में उठे तीखे सवाल

by on | 2026-08-26 14:40:22

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3074


इंस्टाग्राम पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर मेटा घिरी, अदालत में उठे तीखे सवाल

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

इंस्टाग्राम पर बच्चों और किशोरों की मानसिक सेहत को लेकर मेटा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अमेरिका में कंपनी के खिलाफ चल रहे मुकदमे में इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी से किशोरों की सुरक्षा, स्क्रीन टाइम और सुरक्षा सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर तीखे सवाल पूछे गए। कंपनी का कहना है कि उसने बच्चों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं, लेकिन अभियोजन पक्ष ने कुछ सुविधाओं के सीमित इस्तेमाल और उनके प्रभाव पर सवाल उठाए।

'टेक अ ब्रेक' फीचर पर घिरी कंपनी

अदालत में कोलोराडो के अभियोजन पक्ष ने खास तौर पर इंस्टाग्राम के ‘टेक अ ब्रेक’ फीचर को लेकर सवाल किए। यह सुविधा लगातार स्क्रीन देखने वाले उपयोगकर्ताओं को कुछ समय का विराम लेने की सलाह देती है।

अभियोजन पक्ष का तर्क था कि शुरुआती दौर में बहुत कम किशोर इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे थे। बाद में 2024 में बनाए गए नए किशोर खातों में इसे डिफॉल्ट सेटिंग के तौर पर शामिल किया गया। मोसेरी ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि मेटा समय के साथ किशोरों की सुरक्षा से जुड़े कई नए उपाय लागू करती रही है।

कई राज्यों ने मेटा पर लगाए गंभीर आरोप

यह मुकदमा अमेरिका के कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी राज्यों की ओर से मेटा के खिलाफ चल रहा है। राज्यों का आरोप है कि कंपनी ने बच्चों और किशोरों को लंबे समय तक मंच पर बनाए रखने वाले डिजाइन और सुविधाओं का इस्तेमाल किया, जिससे सोशल मीडिया पर निर्भरता का खतरा बढ़ सकता है।

मामले की सुनवाई ऑकलैंड की अदालत में हो रही है और इसके करीब 6 सप्ताह तक चलने की संभावना है। बच्चों की सुरक्षा और निजता से जुड़े मामलों में मेटा को अमेरिका के कई अन्य राज्यों में भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व कर्मचारी की गवाही से बढ़ी मुश्किल

मुकदमे में मेटा के पूर्व कर्मचारियों की गवाही ने भी कंपनी की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व कर्मचारी जॉर्ज वोलिचेंको ने अदालत को बताया कि मेटा की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी टीम के गठन का एक उद्देश्य भविष्य के मुकदमों से कंपनी को बचाना भी था।

उन्होंने दावा किया कि उनकी टीम छोटे बच्चों के लिए ‘टेक अ ब्रेक’ सुविधा को अनिवार्य रूप से सक्रिय रखने की पक्षधर थी, लेकिन कंपनी ने इसे मंजूरी नहीं दी। उनके मुताबिक इसकी वजह यह चिंता थी कि इससे इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं के बिताए समय में कमी आ सकती है।

आंतरिक दस्तावेजों पर भी सवाल

अदालत में मेटा के आंतरिक संदेश और दस्तावेज भी पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने इनमें नियामकीय मांगों को नजरअंदाज करने और सीमित जुर्माने को स्वीकार करने जैसी बातों का हवाला दिया। कंपनी के कुछ वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों से इन दस्तावेजों को लेकर पूछताछ भी हुई।

इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी ने करीब 1 घंटे तक गवाही दी। वह 2018 से इंस्टाग्राम का नेतृत्व कर रहे हैं और इससे पहले भी सोशल मीडिया से जुड़े एक अन्य मामले में अदालत में गवाही दे चुके हैं।

बेबाक24 निष्कर्ष: मामला सिर्फ एक सुरक्षा सुविधा के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। अदालत में सामने आ रही गवाहियां और आंतरिक दस्तावेज यह सवाल उठा रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा और उपयोगकर्ता के स्क्रीन टाइम के बीच मेटा ने अतीत में किसे प्राथमिकता दी। हालांकि, इस मामले में अंतिम फैसला अदालत को करना है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment