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सोना-चांदी महंगे, चांदी 2.53 लाख के पार; धातुओं की तेजी से बढ़ सकती है महंगाई

by on | 2026-08-25 13:26:15

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सोना-चांदी महंगे, चांदी 2.53 लाख के पार; धातुओं की तेजी से बढ़ सकती है महंगाई

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

त्योहारी सीजन से पहले घरेलू और वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोना-चांदी के साथ औद्योगिक धातुओं के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोमवार को दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 900 रुपये बढ़कर 1,64,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं चांदी में 3,500 रुपये की तेजी दर्ज हुई और इसका भाव 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।

सोने ने 5 महीने का ऊंचा स्तर छुआ

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत सोमवार को 4,729.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। घरेलू वायदा बाजार में भी सोने ने 1.43 फीसदी की तेजी के साथ 1,64,758 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छुआ।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक कमजोर डॉलर के कारण अन्य देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाली धातुएं अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती हैं। इसके अलावा वैश्विक तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग भी सोने और चांदी को सहारा दे रही है।

औद्योगिक धातुओं में भी तेजी

तेजी सिर्फ बहुमूल्य धातुओं तक सीमित नहीं है। पिछले 2 महीनों में तांबा 9.68 फीसदी, एल्युमीनियम 4.88 फीसदी और जिंक 15.48 फीसदी महंगा हुआ है।

1 साल के आंकड़े और भी तेज बढ़त दिखाते हैं। इस दौरान तांबे की कीमत 54.74 फीसदी, एल्युमीनियम की 38.45 फीसदी, लेड की 9.24 फीसदी और जिंक की 55.46 फीसदी बढ़ चुकी है।

सोने-चांदी की तेजी की वजह क्या?

पृथ्वी फिनमार्ट के शोध प्रमुख मनोज कुमार जैन के अनुसार कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने में तेजी आई है। उनके मुताबिक आगे सोने-चांदी की दिशा पर महंगाई से जुड़े आंकड़ों का भी महत्वपूर्ण असर रहेगा।

आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर

औद्योगिक धातुओं की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगा। तांबा और एल्युमीनियम पंखे, एसी, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और बिजली की तारों जैसे उत्पादों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होते हैं।

धातुओं की लागत बढ़ने पर इन उत्पादों के निर्माण और परिवहन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर वाहन, बिजली उपकरण और निर्माण क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। कंपनियां बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालती हैं तो आने वाले समय में घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव दिखाई दे सकता है।

आगे भी तेजी की उम्मीद

बाजार विश्लेषक अंकित कपूर के मुताबिक सोने का रुझान फिलहाल सकारात्मक है। उनके अनुमान के अनुसार अगले 1 से 1.5 वर्ष में सोना 1,85,000 से 2,05,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,65,000 से 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच सकती है। हालांकि, ये बाजार अनुमान हैं और वास्तविक कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों तथा वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेंगी।

बेबाक24 निष्कर्ष

सोने-चांदी की तेजी जहां निवेशकों के लिए आकर्षक संकेत है, वहीं औद्योगिक धातुओं की लगातार बढ़ती कीमतें चिंता बढ़ा रही हैं। महंगी धातुएं सिर्फ सर्राफा बाजार का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि आने वाले महीनों में इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और निर्माण लागत के जरिए आम उपभोक्ता के बजट को भी प्रभावित कर सकती हैं।



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