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पीलीभीत: पड़ोसी को फंसाने के लिए बेटी की हत्या, पिता समेत 5 को उम्रकैद

by on | 2026-08-25 12:47:36

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पीलीभीत: पड़ोसी को फंसाने के लिए बेटी की हत्या, पिता समेत 5 को उम्रकैद

पीलीभीत | बेबाक24 न्यूज़

पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में 9 वर्षीय बेटी की हत्या कर पड़ोसी को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय विजय कुमार हिमांशु ने मृतका के पिता अनीस को जीवन की अंतिम सांस तक उम्रकैद और उसके पिता शहजादे समेत 3 भाइयों शादाब, नसीम और सलीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

पड़ोसी से विवाद के बाद रची साजिश

मामला 2 दिसंबर 2022 का है। पड़ोसी शकील ने अनीस और उसके भाई शादाब के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि शकील के मुकदमा वापस लेने से इनकार करने के बाद अनीस और उसके परिजनों ने उसे हत्या के मामले में फंसाने की योजना बनाई।

इसी साजिश के तहत अनीस ने अपने पिता और भाइयों के साथ मिलकर अपनी 9 वर्षीय बेटी अनम को निशाना बनाया।

खेत में ले जाकर की बच्ची की हत्या

अभियोजन के मुताबिक, आरोपी बच्ची को उर्स मेले के पास खेत में ले गए। वहां उसे नींद की गोली देकर बेहोश किया गया। इसके बाद उसके सिर पर ईंट से वार किया गया और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।

वारदात के बाद बच्ची के पिता अनीस ने ही पड़ोसी शकील के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करा दी, ताकि शक उसकी ओर मोड़ा जा सके।

वीडियो बनाने से खुला शक

पुलिस जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों ने मामले को नया मोड़ दिया। अगले दिन बच्ची की तलाश का दिखावा करते हुए उसका चाचा नसीम घटनास्थल पहुंचा। आरोप है कि घायल अवस्था में बच्ची को अस्पताल ले जाने के बजाय वह वहां वीडियो बनाने लगा।

इससे पुलिस का शक परिजनों पर गया। जांच के दौरान खून से सनी पैंट समेत अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, पिता समेत 5 आरोपियों की भूमिका सामने आई।

कोर्ट ने अपराध को बताया जघन्य

अदालत ने घटना की परिस्थितियों को अत्यंत गंभीर और जघन्य माना। कोर्ट ने कहा कि बच्ची को पहले अचेत करना, फिर उसकी हत्या करना और जांच को गुमराह करने के लिए एक निर्दोष व्यक्ति को फंसाने की कोशिश करना गंभीर अपराध है।

अदालत ने अनीस को स्पष्ट रूप से जीवनभर जेल में रखने का आदेश दिया है।

बेबाक24 निष्कर्ष

यह मामला सिर्फ एक मासूम की हत्या का नहीं, बल्कि अपने अपराध का ठीकरा किसी निर्दोष पर फोड़ने की सुनियोजित कोशिश का भी था। अदालत की सख्त सजा ने ऐसे अपराधों में कानून की गंभीरता का स्पष्ट संदेश दिया है।



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