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यूपी चुनाव से पहले गठबंधनों में घमासान, सीट बंटवारे पर बढ़ी खींचतान

by on | 2026-08-24 11:59:06

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यूपी चुनाव से पहले गठबंधनों में घमासान, सीट बंटवारे पर बढ़ी खींचतान

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले NDA और INDIA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। छोटे-बड़े सहयोगी दल अपने हिस्से की सीटों के लिए दबाव बनाने में जुटे हैं। ऐसे में चुनाव से पहले गठबंधनों के भीतर सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

NDA में सहयोगियों की दावेदारी से बढ़ी हलचल

NDA में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) जैसे सहयोगी दलों की सीटों को लेकर चर्चा तेज है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि भाजपा को अपने सहयोगियों के लिए बड़ी संख्या में सीटें छोड़नी पड़ सकती हैं।

उनके इस बयान को NDA के भीतर सीटों को लेकर दबाव बढ़ाने की राजनीतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर और जयंत चौधरी की ओर से सपा पर सहयोगियों को कमतर आंकने के आरोप लगाए गए हैं।

INDIA गठबंधन में कांग्रेस का दबाव

दूसरी ओर, कांग्रेस भी इस बार सपा के साथ सीट बंटवारे में बराबरी की हिस्सेदारी चाहती है। पार्टी का तर्क है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के बजाय 2024 के लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन और मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को आधार बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस सभी सीटों पर सर्वे कराकर जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों की तलाश कर रही है। छात्र आंदोलनों और हालिया राजनीतिक सक्रियता के बाद पार्टी अपने बढ़ते प्रभाव को सीटों की अधिक हिस्सेदारी के लिए आधार बना रही है।

मायावती ने भी साधा निशाना

बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के साथ पुराने गठबंधनों को खराब अनुभव बताते हुए रालोद के सपा पर लगाए आरोपों का समर्थन किया है। इससे यूपी की राजनीति में गठबंधन समीकरण और अधिक दिलचस्प हो गए हैं।

2022 का चुनाव क्या कहता है?

2022 में भाजपा ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 255 सीटें जीती थीं। अपना दल (एस) ने 17 में 12 और निषाद पार्टी ने 10 में 6 सीटें जीती थीं।

वहीं सपा ने 111 सीटें जीती थीं। उस समय रालोद और सुभासपा उसके गठबंधन में थे। अब राजनीतिक तस्वीर बदल चुकी है—रालोद और सुभासपा NDA के साथ हैं, जबकि अपना दल (कमेरीवादी) सपा के साथ बना हुआ है। कांग्रेस और सपा 2024 लोकसभा चुनाव वाला गठबंधन आगे भी जारी रखने की तैयारी में हैं।

चुनाव से पहले पाला बदलने के संकेत

दोनों गठबंधनों में सीटों को लेकर बढ़ती सौदेबाजी ने नेताओं की आवाजाही और पाला बदलने की संभावनाओं को भी हवा दे दी है। आने वाले महीनों में कई छोटे दल अपने राजनीतिक हितों के हिसाब से नए समीकरण तलाश सकते हैं।

बेबाक24 निष्कर्ष: यूपी चुनाव की असली लड़ाई मैदान में उतरने से पहले ही गठबंधन की मेज पर शुरू हो गई है। NDA में सहयोगियों की बढ़ती दावेदारी और INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सीट मांग ने 2027 के चुनाव से पहले सियासी गणित को बेहद पेचीदा बना दिया है।



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