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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय की डायरी में ‘भेदिया’ का सवाल, अखिलेश तक कैसे पहुंची खबर?

by on | 2026-08-24 11:58:34

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय की डायरी में ‘भेदिया’ का सवाल, अखिलेश तक कैसे पहुंची खबर?

अयोध्या | बेबाक24 न्यूज़

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पूर्व महासचिव चंपत राय की गोपनीय डायरी में दर्ज घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े किए हैं। डायरी के मुताबिक, घटना की जानकारी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचने के बाद मंदिर प्रबंधन के भीतर यह सवाल उठा कि आखिर गोपनीय सूचना बाहर किसने पहुंचाई।

2.25 लाख रुपये मिलने से शुरू हुआ मामला

डायरी के अनुसार, चंपत राय 4 जून को दिल्ली-अयोध्या एक्सप्रेस से अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। उसी रात उन्हें सूचना मिली कि हुंडी गणना कक्ष के शौचालय में नोटों की गड्डियां मिली हैं। शुरुआती तौर पर करीब 2.25 लाख रुपये की रकम सामने आई।

अगले दिन सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद शाम की दूसरी शिफ्ट में काम करने वाले तीन गणना कर्मियों पर संदेह गया। पूछताछ के दौरान उनके घरों से अलग-अलग रकम मंगाकर बरामद की गई।

कई संदिग्धों से हुई पूछताछ

डायरी में दर्ज विवरण के अनुसार, बाद में सीसीटीवी में नजर आए अन्य लोगों को भी बुलाकर पूछताछ की गई। कुछ संदिग्धों के घरों से भी रकम बरामद होने का दावा किया गया। एक संदिग्ध की तलाश मोबाइल लोकेशन के जरिए नेपाल सीमा के पास तक की गई।

बरामद रकम को अलग-अलग झोलों में रखकर संबंधित व्यक्ति का नाम और रकम का विवरण दर्ज किया गया।

अखिलेश के बयान के बाद उठा ‘भेदिया’ का सवाल

मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया, जब अखिलेश यादव ने लखनऊ में घटना को लेकर बयान दिया। इसके बाद मंदिर प्रबंधन के भीतर यह सवाल उठा कि गोपनीय जानकारी बाहर कैसे पहुंची?

डायरी में चंपत राय ने इसी संदर्भ में सवाल दर्ज किया—“हमारे बीच में छिद्र कहां है, कौन भेदिया है?”

यानी जांच सिर्फ कथित चोरी और रकम की बरामदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि मंदिर परिसर से अंदरूनी जानकारी बाहर जाने के स्रोत को लेकर भी सवाल खड़े हुए।

11 जून की बैठक में एसआईटी जांच पर फैसला

इसके बाद 11 जून को लखनऊ में बैठक हुई, जिसमें चंपत राय, गोपाल राव, डॉ. अनिल मिश्र समेत कई प्रमुख लोग शामिल हुए। बैठक में पहले सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने पर विचार हुआ, लेकिन बाद में इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया।

आखिरकार मामले की जांच विशेष जांच दल यानी एसआईटी से कराने पर सहमति बनी।

अब डायरी के जरिए सामने आया नया सवाल

चंपत राय की डायरी में दर्ज घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि प्रकरण के दौरान मंदिर प्रबंधन के भीतर गोपनीय सूचनाओं के बाहर जाने को लेकर गंभीर चिंता थी। हालांकि, डायरी में उठाया गया ‘भेदिया’ का सवाल अपने आप में किसी व्यक्ति की पहचान या दोष सिद्ध नहीं करता।

बेबाक24 निष्कर्ष: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रकम की बरामदगी और एसआईटी जांच के अलावा अब यह सवाल भी चर्चा में है कि मंदिर परिसर की अंदरूनी जानकारी राजनीतिक गलियारों तक कैसे पहुंची। चंपत राय की डायरी की ये टिप्पणियां इसी अनसुलझे सवाल की ओर इशारा करती हैं।



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