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काशी में ₹1.16 अरब का साइबर फ्रॉड बेनकाब, फर्जी फर्म बनाकर खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले 4 दबोचे गए

by on | 2026-08-23 17:51:41

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काशी में ₹1.16 अरब का साइबर फ्रॉड बेनकाब, फर्जी फर्म बनाकर खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले 4 दबोचे गए

वाराणसी। धर्म नगरी काशी को साइबर अपराधियों ने अपनी अवैध कमाई का सुरक्षित ठिकाना बनाने की नाकाम कोशिश की है। साइबर क्राइम और चेतगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने डिजिटल दुनिया के एक बड़े और दुस्साहसिक गिरोह की नींव हिलाते हुए फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए चल रहे भारी-भरकम नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

​मासूम और बेखबर लोगों को चंद रुपयों के कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर कागजी फर्में खड़ी की जाती थीं और बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद इन खातों की पूरी बैंकिंग डिटेल, पासबुक, चेकबुक और ऑनलाइन क्रेडेंशियल साइबर ठगों के हवाले कर दिए जाते थे। पुलिस जांच में जो आंकड़ा सामने आया है, उसने हर किसी को चौंका दिया है—महज 41 बैंक खातों के जरिए ₹1,16,86,58,321 (1.16 अरब रुपये से अधिक) का लेनदेन किया जा चुका है।

घेराबंदी कर पकड़े गए 4 शातिर, 2 मास्टरमाइंड अभी फरार

​पुलिस को सटीक मुखबिरी मिली, जिसके बाद विवेकानंदपुरी कॉलोनी (करौंदी) के पास जाल बिछाकर चार आरोपियों को धर दबोचा गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:

नितीश कुमार पांडेय


दुष्यंत सिंह


हिमांशु झा


रेहान


​कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि इन फर्जी खातों का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन गेमिंग और विभिन्न साइबर ठगी से उड़ाई गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक, इन 41 खातों से सीधे तौर पर 143 शिकायतें जुड़ी पाई गई हैं।

​इस पूरे खेल के पीछे प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा के नाम भी मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

'बेबाक' नजरिए से समझिए: कमीशन का लालच पड़ेगा भारी

​साइबर क्राइम का यह पैटर्न बेहद खतरनाक है। आम जनमानस को यह बात गहराई से समझनी होगी कि चंद हजार रुपयों के लालच में आकर अपना आधार, पैन या दस्तावेज किसी को देना—या अपने नाम से बैंक खाता/फर्म खुलवाकर उसकी बागडोर किसी अनजान के हाथ में सौंपना—आपको सीधे अपराध का भागीदार बनाता है। कानून की नजर में खाताधारक भी इस बहुकरोड़ी ठगी का उतना ही जिम्मेदार माना जाएगा। सतर्क रहें, सजग रहें!



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