ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
एजुकेशन एजुकेशन

राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान: इन शिक्षकों के नवाचार ने बदली पढ़ाई की तस्वीर, 5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

by admin@bebak24.com on | 2026-08-23 10:21:44

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3181


राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान: इन शिक्षकों के नवाचार ने बदली पढ़ाई की तस्वीर, 5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

शिक्षा केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती। कई शिक्षक अपने नवाचार, मेहनत और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण से पढ़ाई को आसान और रुचिकर बनाने के साथ बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। ऐसे ही देशभर के 48 शिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।

इन शिक्षकों ने सीमित संसाधनों के बीच नए प्रयोग किए हैं। कहीं गणित को खेल के माध्यम से आसान बनाया गया, तो कहीं सीमावर्ती क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। कुछ शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण को पढ़ाई से जोड़ा, जबकि कई ने विद्यालयी व्यवस्था में बदलाव लाकर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर किया।

रोहतक: खेल-खेल में गणित सीख रहे बच्चे

हरियाणा के रोहतक जिले के सांघी गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय के गणित शिक्षक अनिल कौशिक ने बच्चों के बीच गणित का डर खत्म करने के लिए नया तरीका अपनाया।

उनकी बनाई आभासी गणित प्रयोगशाला में कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री, भारतीय गणितज्ञों की जीवनियां, सूत्र, शिक्षण सामग्री और 130 से अधिक गणित पहेलियां उपलब्ध हैं।

विद्यार्थियों का कहना है कि उनके शिक्षक ने गणित को दबाव का विषय बनने नहीं दिया। पहेलियों और गतिविधियों के माध्यम से कठिन अवधारणाएं भी आसान लगने लगीं।

अनिल कौशिक पिछले 13 वर्षों से शिक्षण में नवाचार पर काम कर रहे हैं। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

राजोरी: सीमावर्ती क्षेत्र में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती राजोरी जिले के दल्होरी स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में वनस्पति विज्ञान के प्रवक्ता मोहम्मद अयाज रैना को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा।

उन्होंने पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़ते हुए सूचना एवं संचार तकनीक, डिजिटल शिक्षा और नवाचार आधारित प्रयोगों को कक्षा में प्रभावी ढंग से शामिल किया।

उनके प्रयासों ने सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित करेंगी।

शिमला: पढ़ाई के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर

हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर टीहरा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजरी वी. महाजन को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

उन्होंने विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया।

विद्यालय में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार और विभिन्न नवाचारों को लागू करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

धनबाद: सीमित संसाधनों से बच्चों का भविष्य संवारा

झारखंड के धनबाद स्थित मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने विद्यालय में बेहतर शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और बच्चों को नई तरह से पढ़ाने पर जोर दिया। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी मजबूत हुआ।

झारखंड से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 3 शिक्षकों के नाम भेजे गए थे, जिनमें मुनमुन भट्टाचार्य ने अपनी अलग पहचान बनाई।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का महत्व

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार केवल शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन शिक्षकों के योगदान को पहचान देता है जो शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, समर्पण और सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

इन शिक्षकों की कहानियां यह दिखाती हैं कि शिक्षा में बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। एक शिक्षक की सोच, प्रयास और बच्चों के प्रति जिम्मेदारी भी पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

बेबाक24 का नजरिया

भारत की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव केवल नई नीतियों और नई इमारतों से नहीं आएगा। असली परिवर्तन तब होगा, जब शिक्षक कक्षा को प्रयोगशाला, बच्चों की जिज्ञासा को शक्ति और शिक्षा को अवसर में बदलने का प्रयास करेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले ये शिक्षक इसी बदलाव की मिसाल हैं।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment