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दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन; पूरी जिला इकाई भंग, 'भीतरघात' पर गिरी गाज

by admin@bebak24.com on | 2026-08-05 17:13:29

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दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन; पूरी जिला इकाई भंग, 'भीतरघात' पर गिरी गाज

दतिया : मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा उपचुनाव में लगातार दूसरी बार मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है। बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर दतिया जिले की पूरी संगठनात्मक इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।

संगठन पर कड़ा एक्शन और जारी आदेश

बीजेपी प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर जारी आदेश के तहत:

  • सामूहिक पदमुक्ति: दतिया के जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।

  • समीक्षा समिति की सिफारिश: हार के कारणों का पता लगाने के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अम्बाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।

चुनावी नतीजे और 'भीतरघात' की चर्चा

  • कांग्रेस की जीत: दतिया सीट पर कांग्रेस के कुंवर घनश्याम सिंह ने बीजेपी के नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित किया।

  • भीतरघात के आरोप: नतीजों के तुरंत बाद आशुतोष तिवारी ने तीखा बयान देते हुए कहा था कि "पहले गद्दार को तलाशना होगा।"

  • टिकट वितरण को लेकर असंतोष: बीजेपी ने इस बार छह बार के विधायक और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। टिकट कटने के बाद पार्टी के भीतर खुलकर नाराजगी देखी गई थी।

क्यों अहम था यह उपचुनाव?

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद यह सीट खाली हुई थी। हालांकि इससे राज्य सरकार के बहुमत पर कोई असर नहीं पड़ना था, लेकिन:

  • इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व और नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पहली बड़ी संगठनात्मक परीक्षा माना जा रहा था।

  • मुख्यमंत्री, दोनों उप-मुख्यमंत्रियों और पूरी कैबिनेट के प्रचार में उतरने के बावजूद बीजेपी यह सीट कांग्रेस से छीनने में नाकाम रही।

  • दूसरी ओर, कांग्रेस ने मतदान से ठीक पहले राजेंद्र भारती को पार्टी से निलंबित करने के बावजूद अपनी यह पारंपरिक सीट बचा ली।

बेबाक24 टेक

दतिया में मिली यह हार मध्य प्रदेश बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। पार्टी द्वारा पूरी जिला इकाई को भंग करना यह साफ संदेश देता है कि संगठन के भीतर गुटबाजी और 'भीतरघात' को अब शीर्ष नेतृत्व बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में समीक्षा समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुछ बड़े नेताओं पर भी गाज गिर सकती है।



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