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'गटर जेनरेशन' बयान पर घिरीं कंगना रनौत की सफाई, पीएम मोदी का दिया हवाला; बोलीं— 'मर्यादा में रहना कोई विकल्प नहीं'

by admin@bebak24.com on | 2026-07-30 17:22:34

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'गटर जेनरेशन' बयान पर घिरीं कंगना रनौत की सफाई, पीएम मोदी का दिया हवाला; बोलीं— 'मर्यादा में रहना कोई विकल्प नहीं'

नई दिल्ली/मंडी : नीट  पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और 'जेन ज़ी' पीढ़ी पर विवादित टिप्पणी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत चौतरफा हमलों से घिर गई हैं।

विरोध प्रदर्शनों में इस्तेमाल की जा रही भाषा, रील्स और आचरण को 'गटर जेनरेशन' कहने और युवा युवतियों पर असभ्य टिप्पणी करने के बाद उठे भारी विवाद पर कंगना रनौत ने बुधवार को वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है।

'गटर जेनरेशन' बयान पर बवाल: कंगना ने अपनी सफाई में क्या कहा?

चौतरफा आलोचनाओं के बाद हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मीडिया और आलोचकों पर उन्हें घेरने का आरोप लगाया:

  • 'सार्वजनिक अश्लीलता बर्दाश्त नहीं': कंगना ने कहा— "मैंने प्रदर्शनकारियों के अनैतिक, गटरछाप व्यवहार और बुजुर्गों व महिलाओं के सामने अश्लील आचरण का विरोध किया था। हमारा समाज इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। अश्लील व्यवहार आप अपने बंद बेडरूम में कर सकते हैं, बाहर आपको मर्यादा में रहना होगा।"

  • प्रधानमंत्री मोदी का हवाला: विरोध करने वालों को नसीहत देते हुए कंगना ने कहा— "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विद्यार्थी 'एग्जाम बडी' कहते हैं। कुछ लोग उन्हें भगवान, नेता या परिवार के सदस्य की तरह देखते हैं। आप सड़क पर उनका अपमान नहीं कर सकते, यह कूल बनने की निशानी नहीं है। संविधान की सीमा में रहना होगा।"

  • मीडिया पर निशाना: कंगना ने आरोप लगाया कि मीडिया उनके अच्छे बयानों (जैसे स्टार्टअप्स की तारीफ या नीट अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देना) को नहीं दिखाता और रीच के चक्कर में उन्हें निशाना बना रहा है।

क्या था मूल विवाद? (कंगना के वे बोल जिन पर मचा हंगामा)

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और जेन-ज़ी के 37 दिनों के आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील्स पर भड़कते हुए कंगना ने कहा था:

  • "मैंने अपनी जिंदगी में इतना अजीब और बुरा कुछ नहीं देखा। यह गटर की पीढ़ी है। समझ नहीं आता इन्हें कौन पाल-पोस रहा है। ये लड़कियां अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं।"

  • उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में आकर लड़कियां पढ़ाई छोड़कर नशीले पदार्थों, शराब और अभद्र भाषा का प्रदर्शन सोशल मीडिया पर कर रही हैं।

आंदोलनों पर कंगना के पुराने विवाद: जब पार्टी ने भी झाड़ा था पल्ला

यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत ने जन-आंदोलनों पर विवादित टिप्पणी की हो:

  1. 100-100 रुपये वाली दादी विवाद (2020): किसान आंदोलन में शामिल 88 वर्षीय महिंदर कौर को लेकर उन्होंने कहा था कि ऐसी दादियां '100-100 रुपये में प्रदर्शन के लिए उपलब्ध' हैं।

  2. चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर थप्पड़ कांड (2024): किसान आंदोलन पर दिए गए इसी बयान से आहत CISF की महिला कांस्टेबल कुलविंदर कौर ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना को थप्पड़ मार दिया था।

  3. किसान आंदोलन की बांग्लादेश से तुलना: कंगना ने किसान आंदोलन की तुलना बांग्लादेश के तख्तापलट से करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद बीजेपी ने उनके बयान से खुद को अलग करते हुए उन्हें हिदायत दी थी।

विपक्षी दलों और CJP की तीखी प्रतिक्रिया

  • कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी: "सरकार की कृपा पाने के लिए एक महिला सांसद का इस तरह का घटिया बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता उन्हें इसका जवाब देगी।"

  • CJP प्रवक्ता सौरव दास: "कंगना रनौत को उनकी खुद की पार्टी में गंभीरता से नहीं लिया जाता, तो देश की युवा पीढ़ी या जेन-ज़ी उन्हें गंभीरता से क्यों लेगी?"

बेबाक24 टेक

परीक्षा सुधारों और युवाओं के रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों पर चल रहे आंदोलनों के बीच जनप्रतिनिधियों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल उठना लाजमी है। 'डिजिटल डिटॉक्स' और 'मर्यादा' की बात करने वाली कंगना रनौत का यह बयान एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है कि सोशल मीडिया की ट्रोलिंग और संसद की गरिमा के बीच संतुलन कैसे बने।



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