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सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़/वर्ष की चोरी का आरोप; राज ठाकरे के दावे के बाद शिंदे सरकार ने दिए विस्तृत जांच के आदेश

by admin@bebak24.com on | 2026-08-05 16:37:34

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सिद्धिविनायक मंदिर में 18 करोड़/वर्ष की चोरी का आरोप; राज ठाकरे के दावे के बाद शिंदे सरकार ने दिए विस्तृत जांच के आदेश

मुंबई : अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद अब मुंबई के विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि में हेरफेरी का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे द्वारा मंदिर की दानपेटी से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाए जाने के बाद, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर राज्य के कानून एवं न्याय विभाग तथा एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा विवाद और राज ठाकरे का दावा?

1 अगस्त को MNS के कार्यक्रम में राज ठाकरे ने 21 अप्रैल 2026 की तारीख वाला एक पत्र सार्वजनिक किया, जो उपमुख्यमंत्री को संबोधित था:

  • 18 करोड़/वर्ष के गबन का दावा: पत्र में उल्लेख था कि मंदिर प्रशासन में कड़ाई और चोर कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद हर बुधवार को दानपेटी से मिलने वाली राशि 50 लाख से बढ़कर सीधे 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

  • सालाना नुकसान: प्रति सप्ताह 1 करोड़ रुपये के इस अंतर के आधार पर आरोप लगाया गया कि पिछले कई वर्षों से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान/गबन हो रहा था, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता का संदेह है।

  • वीआईपी दर्शन में वसूली: इसके अतिरिक्त मंदिर स्टाफ द्वारा श्रद्धालुओं से वीआईपी कतार में दर्शन कराने के बदले पैसे लेने की भी शिकायतें सामने आईं।

मंदिर ट्रस्ट और सरकार का पक्ष

सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री सदा सर्वणकर और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोपों पर स्थिति साफ की:

  • रिफॉर्म के बाद 35% आय बढ़ी: सर्वणकर ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल संभालने के बाद दान पेटी संग्रह 2022-23 में ₹106 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹182 करोड़ तक पहुंच गया है।

  • कर्मचारियों का 'गैंग' और कार्रवाई: ट्रस्ट के अनुसार, दानपेटियों से पैसे चुराने वाले कर्मचारियों के एक गिरोह (गैंग) को सीसीटीवी के जरिए पकड़ा गया। पुलिस ने 8 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया और एफआईआर दर्ज कराई, जो फिलहाल जमानत पर हैं।

  • पुराने 5 सालों की जांच की मांग: ट्रस्टियों ने खुद सरकार से मांग की है कि वर्तमान बोर्ड के आने से पहले के वर्षों (जब कलेक्शन केवल 106 करोड़ था) की गहन जांच कराई जाए।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

दल / नेताबयान / रुख
राज ठाकरे (MNS)आस्था के केंद्र में हर साल 18 करोड़ की चोरी हो रही है; उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT)यदि ट्रस्टी स्वयं पत्र लिख रहे हैं और अध्यक्ष शिंदे गुट के हैं, तो यह 'चोर ही चोर को पकड़ने' जैसा नाटक है।
रोहित पवार (NCP-SCP)राम मंदिर, कुंभ मेला और अब सिद्धिविनायक... बीजेपी व संघ से जुड़े ट्रस्टों में भ्रष्टाचार के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं।
राम कदम (बीजेपी)बिना पुख्ता सबूतों के ऐसे दावे करने से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती है।

बेबाक24 टेक

सिद्धिविनायक मंदिर में कर्मचारियों द्वारा दानपेटी से सीधी चोरी का पकड़ा जाना और आय में अचानक 35% का उछाल यह साबित करता है कि पूर्व में सुरक्षा व ऑडिट में गंभीर खामियां थीं। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आस्था के पैसे की पाई-पाई का पारदर्शी हिसाब होना चाहिए। एसीबी और राज्य न्याय विभाग की जांच से ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज निचले स्तर के कर्मचारियों की हेराफेरी थी या इसके तार किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़े थे।



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