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27 किलो चांदी लूटकांड के 2 बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, हाथ जोड़ बोले— 'UP पुलिस बहुत मारती है, अब नहीं करेंगे अपराध'

by on | 2026-08-04 21:34:34

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27 किलो चांदी लूटकांड के 2 बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, हाथ जोड़ बोले— 'UP पुलिस बहुत मारती है, अब नहीं करेंगे अपराध'

लंका क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़, एसओजी प्रभारी भी घायल; 27 किलो चांदी लूट मामले में मिली सफलता

विशेष संवाददाता, वाराणसी

चौक थाना क्षेत्र में सर्राफा कर्मियों से हुई करीब 27 किलो चांदी की सनसनीखेज लूट के मामले में कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात लंका थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है, वहीं बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एसओजी (SOG) प्रभारी के दाहिने हाथ में गोली लगने से वे घायल हो गए।

​पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद अली उर्फ शाबिर हसन और माशाअल्लाह के रूप में हुई है। इनके कब्जे से लूटी गई चांदी का एक हिस्सा, अवैध असलाह और कारतूस बरामद किए गए हैं।

मीडिया के सामने जोड़े हाथ, मांगी माफी

मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब दोनों बदमाशों को मीडिया के सामने पेश किया गया, तो उनके चेहरों पर पुलिस का खौफ साफ नजर आया। पैर में गोली लगने के कारण लंगड़ाते हुए पहुंचे बदमाशों ने कान पकड़कर और हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए अपनी गलती कबूल की।

​पत्रकारों से बातचीत में बदमाशों ने कहा, "उत्तर प्रदेश पुलिस बहुत मारती है... अब न बनारस में और न ही पूरे यूपी में कभी लूट या कोई अपराध करेंगे।"

गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि इस हाई-प्रोफाइल वारदात में शामिल गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार और फरार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत बेहद कठोर कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

​बहस का विषय: क्या 'एनकाउंटर मॉडल' से रुकेगा अपराध?

​वाराणसी में हुई इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि क्या अपराधियों के खिलाफ त्वरित व सख्त कार्रवाई ही अपराध पर लगाम लगाने का सबसे कारगर जरिया है?

  • पक्ष: आम नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में कानून का डर बैठता है और व्यापारिक माहौल सुरक्षित बनता है।
  • विपक्ष/कानूनी जानकार: विधि विशेषज्ञों का तर्क है कि स्थायी कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ अदालतों से जल्द से जल्द सजा (Fast-track Conviction) सुनिश्चित होना जरूरी है।



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