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प्रशिक्षण से गढ़ी जाती है ख़ाकी की साख: वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने 21 IPS प्रोबेशनर्स को दिया कामयाबी का मूलमंत्र

by on | 2026-08-04 21:20:29

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प्रशिक्षण से गढ़ी जाती है ख़ाकी की साख: वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने 21 IPS प्रोबेशनर्स को दिया कामयाबी का मूलमंत्र

वाराणसी: ख़ाकी पहनने का मतलब सिर्फ़ एक ओहदा पाना नहीं, बल्कि जनता के भरोसे पर खरा उतरना है। इसी सोच और ज़िम्मेदारी का अहसास कराने के लिए मंगलवार को वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने 21 IPS प्रशिक्षु अधिकारियों (78RR, 2025 बैच) से सीधा संवाद किया। बेसिक कोर्स ट्रेनिंग के स्टडी-कम-कल्चरल टूर पर बनारस पहुँचे इन 17 पुरुष और 4 महिला प्रोबेशनर्स को कमिश्नर ने साफ़ लफ़्ज़ों में समझाया कि पुलिसिंग में प्रशिक्षण ही एक अफ़सर की सबसे बड़ी ताक़त होता है।

"ट्रेनिंग का समय ही तय करता है आपकी अफ़सरी का स्तर"

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि ट्रेनिंग का यह दौर सेवा जीवन का स्वर्णिम काल होता है। यही वह वक़्त है जब अनुशासन, संवेदनशीलता, आत्मबल और क़ानूनी ज्ञान की नींव पड़ती है। अगर यहाँ ढिलाई हुई, तो मैदान में जनता का भरोसा जीतना नामुमकिन हो जाएगा। निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ 'ज़ीरो टॉलरेंस' ही एक अफ़सर को भीड़ से अलग बनाता है।

स्मार्ट पुलिसिंग और बनारस मॉडल का पाठ

प्रशिक्षुओं को महज़ किताबी बातें नहीं, बल्कि ज़मीनी हक़ीक़त से रूबरू कराया गया। वाराणसी कमिश्नरेट की आधुनिक पुलिसिंग—जैसे डायल-112, जल पुलिस, टूरिस्ट पुलिस, SOG, ड्रोन-एंटी ड्रोन सिस्टम और हाइटेक CCTV कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली समझाई गई।

​वाराणसी जैसे धार्मिक और संवेदनशील शहर में श्रावण मास, देव दीपावली और महाकुंभ जैसे महा-आयोजनों के दौरान क्राउड मैनेजमेंट, वीवीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के जो अनुभव बनारस पुलिस के पास हैं, उन्हें सीधे युवा अफ़सरों के साथ साझा किया गया।

जनता का विश्वास ही असली कसौटी

कमिश्नर ने साफ़ हिदायत दी कि महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाले अपराधों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए। त्वरित कार्रवाई, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और तकनीक का सही इस्तेमाल ही आज के दौर की माँग है। एक बेहतरीन पुलिस अफ़सर वही है जो अपराधियों के लिए खौफ़ और आम जनता के लिए राहत का सबब बने।

​संवाद के बाद पुलिस आयुक्त ने सभी प्रोबेशनर्स के साथ सामूहिक भोजन किया और स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके सुनहरे भविष्य की कामना की। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक प्रियदर्शी, DCP काशी गौरव बंसवाल, DCP वरुणा प्रमोद कुमार, DCP गोमती नीतू और DCP ट्रैफिक अनिल कुमार यादव समेत आला अधिकारी मौजूद रहे।



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