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गिलगित-बल्तिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन; वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुर्जा समेत 10 सदस्यीय दल लापता, 4 शव बरामद

by on | 2026-07-31 21:06:34

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गिलगित-बल्तिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन; वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुर्जा समेत 10 सदस्यीय दल लापता, 4 शव बरामद

काठमांडू : दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियों (8,000 मीटर से अधिक) को रिकॉर्ड समय में फतह कर इतिहास रचने वाले प्रसिद्ध नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा 'निम्स दाई' के पाकिस्तान-प्रशासित गिलगित-बल्तिस्तान स्थित ब्रॉड पीक (8,047 मीटर) पर हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद लापता होने की बेहद चिंताजनक खबर आई है।

'अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान' और स्थानीय पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर काराकोरम पर्वत श्रृंखला में आए इस भयंकर हिमस्खलन के बाद अभियान दल से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। राहत और बचाव दल द्वारा अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं।

घटना से जुड़े मुख्य बिंदु और बरामद शव

  • 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय दल: निर्मल पुर्जा के नेतृत्व वाले इस 10 सदस्यीय ट्रेकिंग दल में 5 नेपाली पर्वतारोही, पाकिस्तान के सोहेल साखी, ओमान की एक पर्वतारोही, अमेरिका की मैलोरी गीस, एक चीनी नागरिक (मिस्टर वांग) और एक अन्य विदेशी नागरिक शामिल थे।

  • चार शवों की पहचान: गिलगित-बल्तिस्तान पुलिस के अनुसार बरामद 4 शवों में से दो की पहचान ओमान की नधीरा अहमद अब्दुल्ला अल हार्थी और नेपाल के पुर बहादुर गुरूंग के रूप में हुई है। बाकी दो शवों की शिनाख्त की जा रही है।

कौन हैं निर्मल पुर्जा?

37 वर्षीय निर्मल पुर्जा को दुनिया के साहसिक पर्वतारोहण क्षेत्र का सबसे बड़ा नाम माना जाता है:

  • 14 पीक्स प्रोजेक्ट (2019): निर्मल ने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची सभी 14 चोटियों को महज 6 महीने 6 दिन में फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। (इससे पिछला रिकॉर्ड लगभग 8 साल का था)। इसी उपलब्धि पर नेटफ्लिक्स की मशहूर डॉक्यूमेंट्री "14 Peaks: Nothing Is Impossible" बनी थी।

  • सर्दी में 'K2' फतह (2021): निर्मल के नेतृत्व में ही 10 नेपाली पर्वतारोहियों ने दुनिया के सबसे खतरनाक पर्वत 'K2' (28,251 फीट) को पहली बार भीषण सर्दियों के मौसम में लांघकर इतिहास रचा था।

  • पूर्व ब्रिटिश गोरखा सैनिक: नेपाल के चितवन में पले-बढ़े निर्मल 18 साल की उम्र में ब्रिटिश आर्मी के गोरखा ब्रिगेड में शामिल हुए थे। बाद में 2018 में नौकरी छोड़कर उन्होंने पर्वतारोहण को अपना पेशा बनाया।

माउंट एवरेस्ट बनाम ब्रॉड पीक व K2 का खतरा

काराकोरम रेंज में स्थित K2 और ब्रॉड पीक को माउंट एवरेस्ट से भी अधिक खतरनाक माना जाता है। जहां एवरेस्ट पर चढ़ने का मृत्यु दर औसत 34 में से 1 है, वहीं K2 और ब्रॉड पीक पर अनिश्चित मौसम और अचानक हिमस्खलन के कारण हर 6 में से 1 पर्वतारोही की जान जाने का खतरा रहता है।

बेबाक24 टेक

निर्मल पुर्जा ने हमेशा शेरपाओं और नेपाली पर्वतारोहियों को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने का काम किया है। पूरे नेपाल, भारत और अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण समुदाय में उनके सुरक्षित वापस लौटने की प्रार्थनाएं की जा रही हैं। गिलगित-बल्तिस्तान प्रशासन और सेना द्वारा हेलीकॉप्टरों के जरिए खोज व बचाव अभियान जारी है।



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