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आरा के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा मोड़; STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, परिजनों ने जाहिर की राहत

by on | 2026-07-31 22:04:13

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आरा के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा मोड़; STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, परिजनों ने जाहिर की राहत

आरा: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। भोजपुर एसपी राज ने देर रात हुई इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

यह कार्रवाई भरत तिवारी के परिजनों द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करने और मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की सिफारिशों के बाद सामने आई है।

एनकाउंटर केस और अब तक का घटनाक्रम

  • 17 जून 2026 की घटना: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे पुलिस मुठभेड़ बताया था, जबकि परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिया था।

  • मुख्यमंत्री से मुलाकात का असर: 24 जुलाई को भरत तिवारी के पीड़ित परिवार ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।

  • न्यायिक जांच आयोग: मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था।

परिजनों की प्रतिक्रिया: "पहली गोली अक्षय ने चलाई थी"

STF जवान की गिरफ्तारी के बाद भरत तिवारी के माता-पिता ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी:

  • मां आशा देवी का बयान: “मेरे बेटे पर पहली गोली अक्षय कुमार ने ही चलाई थी। जो बाकी बचे हुए दोषी पुलिसकर्मी हैं, उनकी भी जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही यह ठोस कार्रवाई संभव हुई है।”

  • पिता काशीनाथ तिवारी: “मुझे इस बात की राहत और खुशी है कि मामले में पहला आदमी गिरफ्तार हुआ है, न्याय की उम्मीद बढ़ी है।”

बेबाक24 टेक

बिहार में हाल के दिनों में पुलिस एनकाउंटरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच STF जवान की यह गिरफ्तारी पुलिस महकमे के लिए बड़ा झटका है। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि सरकार और न्यायिक आयोग कानून से ऊपर किसी को नहीं मान रहे हैं। रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा आयोग की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद इस केस में शामिल कुछ अन्य अधिकारियों/जवानों पर भी गाज गिर सकती है।



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