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बेबाक 24 महा-खुलासा: मासूमों की जिंदगी से 'मौत का खेल'!

by on | 2026-07-31 15:27:41

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बेबाक 24 महा-खुलासा: मासूमों की जिंदगी से 'मौत का खेल'!


​ नरही में स्कूल वाहन की पिकअप से जोरदार टक्कर! बाल-बाल बची दर्जनों मासूमों की जान

बलिया (उत्तर प्रदेश)। शिक्षा के मंदिर में मासूमों की जिंदगी को दांव पर लगाने का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया है! मामला बलिया जिले के कृष्णा शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, नरही का है। गुरुवार को नरही पानी टंकी के पास बच्चों से खचाखच भरे एक फटेहाल और अनफिट स्कूल वाहन की पिकअप से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण हो सकती थी, लेकिन गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया और दर्जनों मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई!

​लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन किसी मासूम की बलि चढ़ने का इंतजार कर रहा है?

​ कागजों का काला सच: 'मौत का डब्बा' सड़कों पर, जिम्मेदार गहरी नींद में!

​'बेबाक 24' की पड़ताल में इस दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी (UP60T5640) का जो आरटीओ (RTO) डाटा सामने आया है, उसने प्रशासनिक तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। विद्यालय प्रबंधन खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बच्चों को खटारा गाड़ियों में ठूंस-ठूंसकर ढो रहा है:

टैक्स कब का खत्म: गाड़ी का रोड टैक्स 31 जनवरी 2018 को ही खत्म हो चुका है—यानी पिछले 8 सालों से बिना एक भी रुपया टैक्स दिए यह गाड़ी सड़क पर दौड़ रही है!


नो इंश्योरेंस: वाहन का इंश्योरेंस 06 मई 2018 के बाद से रिन्यू ही नहीं कराया गया। अगर आज कोई अनहोनी हो जाती, तो इन बच्चों का जिम्मेदार कौन होता?


बिना परमिट दौड़ रही गाड़ी: रूट परमिट 26 मई 2020 को एक्सपायर हो चुका है।


प्रदूषण कार्ड गायब: PUCC (प्रदूषण सर्टिफिकेट) का दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है।


11 साल पुरानी खटारा: 11 साल 2 महीने पुरानी यह जर्जर गाड़ी चलने लायक भी नहीं बची है।


​ वीडियो वायरल: थाने की नाक के नीचे 'अंधेर नगरी, चौपट राजा'!

​सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी के टायर पूरी तरह घिसकर चिकने हो चुके हैं। घिसे हुए टायरों के कारण ब्रेक न लगना और गाड़ी फिसलना तय था, जो आज इस हादसे का कारण बना।

सबसे बड़ा और कड़वा सवाल: नरही थाना इस विद्यालय के ठीक सामने स्थित है! पुलिस और यातायात विभाग की नाक के नीचे से यह अवैध 'मौत का डब्बा' रोज दर्जनों मासूमों को लेकर गुजरता है, लेकिन खाकी और आरटीओ विभाग ने अपनी आँखों पर पट्टी बांध रखी है।

​❓ 'बेबाक 24' के तीखे और सीधे सवाल:

क्या नरही पुलिस और आरटीओ विभाग को सड़क पर दौड़ती यह गैर-कानूनी खटारा गाड़ी नजर नहीं आती?


बिना टैक्स, बिना इंश्योरेंस और बिना परमिट चल रही गाड़ियों पर विद्यालय मैनेजमेंट को इतनी ढील क्यों?


अगर आज किसी मासूम के साथ कोई अनहोनी हो जाती, तो उसका जवाबदेही कौन लेता—स्कूल प्रशासन या मौन बैठा तंत्र?


​बेबाक मांग: 'बेबाक 24' बलिया प्रशासन, पुलिस कप्तान और परिवहन विभाग से पुरजोर मांग करता है कि ऐसे खटारा और अवैध स्कूल वाहनों को तत्काल सीज किया जाए। मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले विद्यालय प्रबंधन और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए!



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