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गाजीपुर में ₹692 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला

by on | 2026-07-30 23:41:14

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गाजीपुर में ₹692 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने गाजीपुर दौरे के दौरान 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 जन-कल्याणकारी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहाँ एक ओर पूर्वांचल में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के विकास का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, वहीं दूसरी ओर पूर्ववर्ती सरकारों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की नीतियों पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला।

​नौकरियों में पारदर्शिता और पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप

​संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों में प्रशासनिक भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

भर्ती प्रक्रिया पर टिप्पणी: मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में शासकीय भर्तियों में पारदर्शिता का सर्वथा अभाव था। उन्होंने सपा नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी युवाओं के रोजगार और भविष्य को प्रभावित करने में लगी रहती थी।’


कानून-व्यवस्था एवं सख्त कार्रवाई: उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


​ऐतिहासिक पहचान और राष्ट्रनायकों का सम्मान

​गाजीपुर के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि अमर शहीद  स्वतंत्रता सेनानी डॉ. शिवपूजन राय
1971 के भारत-पाक युद्ध के शहीद राम उग्र पांडे, प्रसिद्ध साहित्यकार कुबेरनाथ राय, गोपालराम गहमरी  जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रही है।

"अतीत में तुष्टीकरण और संकुचित राजनीतिक स्वार्थों के कारण पूर्वांचल की इस ऐतिहासिक भूमि को माफियाराज और पहचान के संकट की ओर धकेल दिया गया था। विदेशी आक्रांताओं के महिमामंडन की परंपरा को समाप्त कर वर्तमान सरकार ने महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान देने का कार्य किया है।"

​उन्होंने उल्लेख किया कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के स्मारक, आजमगढ़ में विश्वविद्यालय और गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी नीति का परिणाम है। साथ ही उन्होंने कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में पूर्व रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के योगदान की भी सराहना की।

​पूर्वांचल में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का विस्तार

​विकास योजनाओं का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में व्यापक बदलाव आ रहा है:

समय की बचत: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद गाजीपुर से राजधानी लखनऊ तक की यात्रा समय सीमा 8-10 घंटे से घटकर अब मात्र 3 से साढ़े 3 घंटे रह गई है।


आगामी विस्तार: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को चंदौली और वाराणसी के रास्ते शक्तिनगर (सोनभद्र) तक जोड़ने की योजना पर कार्य जारी है, जिससे पूर्वांचल का अंतर-राज्यीय परिवहन संपर्क और अधिक मजबूत होगा।


​राजनीतिक निहितार्थ

​गाजीपुर में मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य पूर्वांचल के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है। राज्य सरकार आगामी चुनावों के दृष्टिगत विकास कार्यों (चिकित्सा, सड़क और रोजगार) को मुख्य एजेंडा बनाने के साथ-साथ पूर्ववर्ती शासन की कानून-व्यवस्था और भर्ती संबंधी नीतियों को बहस के केंद्र में रखने का स्पष्ट संकेत दे रही है।



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