ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

CJP नीट प्रदर्शन मामला— दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला; छात्रों पर दर्ज केस वापस, आपराधिक रिकॉर्ड वालों को नहीं मिलेगी राहत

by admin@bebak24.com on | 2026-07-30 21:12:58

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3002


CJP नीट प्रदर्शन मामला— दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला; छात्रों पर दर्ज केस वापस, आपराधिक रिकॉर्ड वालों को नहीं मिलेगी राहत

नई दिल्ली: नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए व्यापक प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी आदेश के अनुसार, आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को बंद किया जाएगा और उन पर कोई विपरीत कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत उन आरोपियों पर लागू नहीं होगी जिनका पूर्व से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

दिल्ली सरकार का आदेश: किसे मिलेगी राहत और किसे नहीं?

दिल्ली पुलिस द्वारा 29 जुलाई 2026 की शाम तक प्रदर्शनों से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे।

दिल्ली सरकार की प्रेस रिलीज के मुख्य बिंदु:

  • छात्रों की रिहाई और समीक्षा: जिन छात्रों या प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, उनकी समीक्षा कर जल्द रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • भविष्य में कार्रवाई नहीं: इस आंदोलन के आधार पर भविष्य में छात्रों पर कोई आगे की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और इन मामलों को बंद माना जाएगा।

  • आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर सख्ती: सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत राहत का यह दायरा उन तत्वों पर लागू नहीं होगा जिनका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है।

एलजी की मंजूरी के बाद जारी हुआ फैसला

यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल की औपचारिक मंजूरी के बाद जारी किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले इस आंदोलन के दौरान 20 जुलाई के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।

बेबाक24 टेक

पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में एंटी-पेपर लीक विधेयक पेश किए जाने के बाद दिल्ली सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला एक बेहद जरूरी और स्वागत योग्य कदम है। इससे देश भर के निर्दोष छात्रों का करियर और भविष्य प्रभावित होने से बच सकेगा, हालांकि उपद्रवी या आपराधिक तत्वों को दूर रखकर प्रशासन ने सख्त संदेश देने की भी कोशिश की है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment