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पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, छिड़ी तीखी बहस; राहुल गांधी बोले— "यह लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न

by admin@bebak24.com on | 2026-07-28 13:00:41

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पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संसद में जोरदार स्वागत, छिड़ी तीखी बहस; राहुल गांधी बोले— "यह लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न

नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा धांधली के भारी जन-आक्रोश के बीच पिछले हफ्ते पद से इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जब संसद पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर नया सियासी घमासान छिड़ गया। बीजेपी और एनडीए के सांसदों ने 'धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारों, शॉल और गुलदस्ते के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।

संसद परिसर में हुए इस भव्य स्वागत पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है, जबकि बीजेपी नेताओं ने इसे धर्मेंद्र प्रधान का 'नैतिक बलिदान' और उनके कार्यकाल का सम्मान बताया है।

"यह सम्मान नहीं, युवाओं का अपमान है"— विपक्ष का जोरदार हमला

धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत वीडियो के वायरल होते ही विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की:

राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा):

"धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत के बर्बाद एजुकेशन सिस्टम के प्रतीक हैं। उसी सिस्टम के कारण 26 बच्चों की जान गई और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा। इस्तीफा भी नैतिकता से नहीं, युवाओं के डर से देना पड़ा। और आज उसी व्यक्ति को संसद में बीजेपी माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।"

जयराम रमेश (वरिष्ठ कांग्रेस नेता):

"बीजेपी सांसद पूर्व शिक्षा मंत्री का स्वागत ऐसे कर रहे हैं मानो वे जंग जीतकर आए हों। अपने इस्तीफे में माफी मांगने के बजाय छात्रों पर दोष मढ़ना और फिर ऐसा स्वागत पाना बेहद शर्मनाक है।"

बीजेपी नेताओं का बचाव: "नैतिक जिम्मेदारी और ऐतिहासिक कार्य का सम्मान"

दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए उनके फैसले को ऐतिहासिक बताया:

  • गृह मंत्री अमित शाह का संदेश: गृह मंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषा में परीक्षाओं के आयोजन और डिजिटल शिक्षा के विस्तार में ऐतिहासिक सुधार किए हैं।

  • किरण रिजिजू व विभूति जेना: संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए मिसाल पेश की है। वहीं ओडिशा के मंत्री विभूति जेना ने उन्हें 'ओडिशा की शान' करार दिया।

जंतर-मंतर से लेकर देश भर में जश्न, संसद में हूटिंग

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के 1 महीने से जारी अनशन व प्रदर्शन के दबाव में 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। अमृतसर, पटना, मुंबई और दिल्ली में छात्रों ने उनके इस्तीफे पर जश्न मनाया था।

सोमवार को जब वे संसद परिसर पहुंचे तो एक तरफ जहां एनडीए सांसद उनसे हाथ मिलाने की होड़ में दिखे, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी सांसदों ने उनके खिलाफ जमकर हूटिंग और नारेबाज़ी की।

बेबाक24 टेक

किसी मंत्री का इस्तीफा अगर गंभीर प्रशासनिक नाकामियों या जन-आक्रोश के चलते हुआ हो, तो संसद परिसर में उनका इस तरह उत्सव जैसा स्वागत किया जाना जनता और पीड़ित परीक्षार्थियों के बीच संवेदनशील संदेश नहीं भेजता। बीजेपी भले ही इसे अपने नेता के प्रति एकजुटता और उनके कार्यकाल की तारीफ के रूप में पेश कर रही हो, लेकिन नीट विवाद से प्रभावित लाखों छात्रों के बीच इसकी तीखी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।



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