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'एक तरफ इस्तीफे का जश्न, दूसरी तरफ जेलों में छात्रों का दमन'— आइसा नेता नेहा बोरा ने बिहार-बंगाल में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर जताया कड़ा ऐतराज

by admin@bebak24.com on | 2026-07-27 11:24:58

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'एक तरफ इस्तीफे का जश्न, दूसरी तरफ जेलों में छात्रों का दमन'— आइसा नेता नेहा बोरा ने बिहार-बंगाल में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर जताया कड़ा ऐतराज

पटना/नई दिल्ली (27 जुलाई 2026): जंतर-मंतर पर नीट-यूजी आंदोलन की सफलता और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी देश के अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख छात्र नेता नेहा बोरा ने बिहार और पश्चिम बंगाल में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे दर्जनों छात्रों और नेताओं की गिरफ्तारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आइसा के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वीडियो जारी करते हुए नेहा बोरा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और तुरंत पटना पहुंचने का ऐलान किया है।

"सरकार ने दिया था आश्वासन, फिर भी जेलों में भरे जा रहे छात्र"

नेहा बोरा ने वीडियो संदेश में कहा कि सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) और सरकार के बीच हुई वार्ता के दौरान यह स्पष्ट किया गया था कि आंदोलनकारियों पर कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी:

नेहा बोरा (छात्र नेता, AISA):

"एक तरफ जहां हम सभी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के विभिन्न राज्यों में पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। सरकार ने वादा किया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद छात्रों को फर्जी मुकदमों में जेल भेजा जा रहा है।"

बिहार: विधायक संदीप सौरभ समेत बेऊर जेल में बंद कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं

बिहार की स्थिति का ब्योरा देते हुए नेहा बोरा ने बताया:

  • पालीगंज विधायक व आइसा नेता बंद: पालीगंज से माले विधायक संदीप सौरभ के साथ आइसा के प्रमुख कार्यकर्ता— धनंजय, दीपांकर, सबा और दिव्यम पिछले तीन दिनों से पटना की बेऊर जेल में बंद हैं।

  • हत्या के प्रयास (307) जैसी धाराएं: उन्होंने आरोप लगाया कि महज एक दिन के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के आधार पर उनके खिलाफ 9 से अधिक फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराएं भी शामिल हैं।

  • 100 से अधिक पर कार्रवाई: बिहार के अलग-अलग जिलों में 100 से ज्यादा छात्रों और आंदोलनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में भी दमन का आरोप, पटना पहुंचेंगी नेहा

नेहा बोरा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर भी सवाल उठाए:

  • बंगाल में गिरफ्तारियां: बंगाल में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले करीब 14 छात्रों को जेल में डाला गया है, जिनमें अधिकांश अल्पसंख्यक छात्र हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा 70 और लोगों पर मुकदमे दर्ज करने की तैयारी है।

  • पटना कूच का ऐलान: नेहा बोरा ने कहा कि वे सीधे पटना पहुंच रही हैं, जहां वे बेऊर जेल में बंद साथियों और छात्रों से मुलाकात करेंगी तथा इस दमन के खिलाफ कानूनी व राजनीतिक लड़ाई तेज करेंगी।

बेबाक24 टेक

केंद्रीय स्तर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स के गठन के बाद जहां मामले के शांत होने की उम्मीद थी, वहीं बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में दर्ज मुकदमे और गिरफ्तारियां आंदोलन की आग को फिर से भड़का सकती हैं। यदि केंद्र और राज्य सरकारों ने छात्रों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया, तो जंतर-मंतर से शुरू हुई यह लड़ाई अब राज्यों की राजधानियों में नया रूप ले सकती है।



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