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ऑनलाइन गेमिंग में 50 हजार हारे तो खुद के अपहरण का रचा स्वांग, सिगरा पुलिस ने चंद घंटों में किया पर्दाफाश

by admin@bebak24.com on | 2025-12-18 20:55:55

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ऑनलाइन गेमिंग में 50 हजार हारे तो खुद के अपहरण का रचा स्वांग, सिगरा पुलिस ने चंद घंटों में किया पर्दाफाश


वाराणसी | मुख्य संवाददाता डिजिटल जुए और ऑनलाइन गेमिंग की लत युवाओं को किस कदर गर्त में धकेल रही है, इसका सनसनीखेज उदाहरण वाराणसी में देखने को मिला। आजमगढ़ के एक युवक ने गेमिंग ऐप पर 50 हजार रुपये हारने के बाद अपनी हार छिपाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी पटकथा रच दी। युवक ने परिजनों से फिरौती तक मांग ली, लेकिन सिगरा पुलिस की तत्परता ने कुछ ही घंटों में इस फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया।

हार के डर से रची साजिश

​जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ निवासी अमित चौहान अहमदाबाद से ट्रेन के जरिए वाराणसी आ रहा था। सफर के दौरान उसने ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर दांव लगाना शुरू किया। देखते ही देखते वह लालच के चक्कर में 50 हजार रुपये हार गया। परिजनों को क्या जवाब देगा, इस डर और मानसिक तनाव में आकर उसने खुद के ही अपहरण की साजिश रच डाली।

​अमित ने अपने परिजनों को फोन कर सूचना दी कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है और छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। बदहवास परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी (IPS) के निर्देशन में सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा और रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह की टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लेते हुए अमित के:

  • CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) का विश्लेषण किया।
  • बैंक स्टेटमेंट की जांच की, जिससे गेमिंग ऐप में पैसे ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई।
  • मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया।

​जांच के दौरान जब लोकेशन भुल्लनपुर क्षेत्र में मिली, तो पुलिस ने घेराबंदी कर अमित को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में अमित ने कबूल किया कि उसने गेम में हारे हुए पैसों की भरपाई के लिए यह ड्रामा रचा था।

​"ऑनलाइन गेमिंग की लत युवाओं को अपराध और आत्मघाती कदमों की ओर ले जा रही है। इस मामले में त्वरित तकनीकी जांच से सच सामने आ गया। युवाओं को ऐसे ऐप्स से बचने और परिजनों को सतर्क रहने की जरूरत है।"

डॉ. ईशान सोनी, एसीपी चेतगंज


परिजनों को हिदायत और काउंसलिंग

​पुलिस ने अमित को बरामद करने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों ने युवक को भविष्य में ऐसी आदतों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है, साथ ही परिजनों को उसकी काउंसलिंग कराने और निगरानी रखने की सलाह दी है। इस सफल खुलासे में कांस्टेबल नीरज मौर्य, मृत्युंजय सिंह और सर्विलांस सेल के अश्वनी सिंह की मुख्य भूमिका रही।



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