ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
शहर और राज्य राज्य

"शिक्षा का मंदिर गिराने का फैसला सही नहीं"— रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के RDA के आदेश से मचा हड़कंप

by admin@bebak24.com on | 2026-07-27 11:53:26

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3002


"शिक्षा का मंदिर गिराने का फैसला सही नहीं"— रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के RDA के आदेश से मचा हड़कंप

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर मंडरा रहे बुलडोजर के साए ने यहां पढ़ रहे करीब 3,000 छात्र-छात्राओं और 200 से अधिक शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने बीते 15 जुलाई को दावा किया कि यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शा पास कराए किया गया है और 15 दिनों के भीतर स्वयं निर्माण ध्वस्त न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके खिलाफ छात्र और स्टाफ परिसर में लगातार शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं।

छात्राओं को तालीम छूटने का डर, कर्मचारियों के सामने बेरोजगारी का संकट

RDA के इस आदेश के बाद सबसे बड़ा झटका यहां पढ़ रही छात्राओं और स्टाफ को लगा है:

  • छात्राओं का दर्द: लॉ और पैरामेडिकल की पढ़ाई कर रहीं इकरा, फराह, दिशा और लाब्या जैसी छात्राओं का कहना है कि सुरक्षा और कम फीस के माहौल के कारण उनके परिजनों ने उन्हें यहां भेजा था। यूनिवर्सिटी गिरने पर उनके परिवार वाले उनकी पढ़ाई छुड़वाकर शादी करा देंगे।

  • स्टाफ में घबराहट: यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर जहीरुद्दीन और असिस्टेंट परचेज ऑफिसर मसूद-उल-हसन के मुताबिक, लगभग 100 टीचिंग और 100 नॉन-टीचिंग स्टाफ के सामने रातों-रात आजीविका छिनने का संकट खड़ा हो गया है।

राजनीतिक घमासान और तजीन फातिमा का बड़ा दावा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी पर इस कार्रवाई को विपक्ष राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहा है:

  • अखिलेश यादव का बयान: सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मांग की कि सरकार बदले की भावना छोड़कर पुराने शासनादेशों के तहत जुर्माना लगाकर नक्शा नियमित करे, जैसे अन्य भवनों के लिए किया जाता है।

  • पूर्व सांसद तजीन फातिमा की दलील: आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा ने स्पष्ट किया कि 2006 में जब यूनिवर्सिटी की संग-ए-बुनियाद (सिंगनखेड़ा गांव में) रखी गई थी, तब वह क्षेत्र आरडीए के परिधि में आता ही नहीं था। आरडीए ने इसे 2024 के नोटिफिकेशन में शामिल किया है, तो उस समय नक्शा पास कराने का सवाल ही नहीं उठता।

  • जिलाधिकारी का रुख: रामपुर के जिलाधिकारी अजय द्विवेदी का कहना है कि दो भवनों (जैसे एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग) के नक्शे जिला पंचायत से पास कराए गए थे, जिससे साफ है कि उन्हें नियमों की जानकारी थी, फिर भी 38 भवनों के नक्शे पास नहीं कराए गए।

"जुर्माना लगा दो, पर शिक्षा का मंदिर न गिराओ"— पीड़ित किसानों ने भी जताया दुख

दिलचस्प बात यह है कि जिन स्थानीय किसानों ने अतीत में आजम खान पर कम दाम में जमीन अधिग्रहित करने के आरोप लगाए थे, वे भी इस ध्वस्तीकरण के फैसले से दुखी हैं:

  • स्थानीय किसान (यासीन व दानिश): किसानों का कहना है कि भले ही जमीन अधिग्रहण में उनके साथ ज्यादती हुई हो, लेकिन यूनिवर्सिटी को गिराना गलत है। इससे इलाके के गरीब बच्चे, जिन्हें अलीगढ़ या दूर जाना पड़ता था, वे यहीं कम खर्च में पढ़ पा रहे हैं।

  • गरीब व दिव्यांग छात्रों को राहत: यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने भी माना था कि यह संस्थान केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं चल रहा। दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को यहां 80% तक फीस में छूट मिलती है।

  • छात्रों की अपील: छात्रों और कांग्रेस नेता शशि थरूर का कहना है कि यदि तकनीकी नियम टूटे हैं, तो सरकार जुर्माना लगाए, जिसे चुकाने के लिए पूर्व छात्र और आम जनता चंदा देने को तैयार हैं।

बेबाक24 टेक

रामपुर जैसे साक्षरता के मामले में पिछड़े जिले में एक स्थापित और क्रियाशील विश्वविद्यालय को केवल नक्शा/तकनीकी खामी के आधार पर ध्वस्त करना हजारों युवाओं के भविष्य और सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है। प्रशासन को 28 अगस्त को होने वाली वैधानिक अपील की सुनवाई के दौरान सकारात्मक रास्ता निकालते हुए शमन के जरिए इमारतों को वैध करने पर विचार करना चाहिए।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment